सौरभ भारद्वाज ने लिया था एक्शन, राजशेखर ने उपराज्यपाल को लिखी थी चिट्ठी
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद सतर्कता मंत्री सौरभ भारद्वाज के आदेश पर राजशेखर से उनका सारा काम छीन लिया गया था। मंत्री के आदेश पर कमरा संख्या 403 (विशेष सचिव, सतर्कता) और 404 (विशेष सचिव, सतर्कता का गोपनीय खंड) को भी सील कर दिया गया था। दूसरी तरफ राजशेखर ने उपराज्यपाल को चिट्ठी लिखकर मंत्री पर कई आरोप लगाए थे।
काम पर लौटते ही एक्शन में नजर आए राजशेखर
अब केंद्र सरकार से अध्यादेश आने के बाद राजशेखर को एक बार फिर से पुरानी जिम्मेदारी दे गई है। राजशेखर ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद विशेष सचिव सतर्कता एवं उनके गोपनीय अनुभाग के कार्यालय में रखी फाइलों की सूची तैयार करने का आदेश जारी किया है। अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली सचिवालय में राजशेखर के कार्यालय और गोपनीय सेक्शन और आसपास के सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर सुराग हासिल करने के लिए जांच की जा रही है।
एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, घटना के तुरंत बाद संबंधित अधिकारी ने कथित घटना के बारे में बताते हुए अपने वरिष्ठों को एक पत्र लिखा था। अधिकारी ने कहा कि संबंधित अधिकारी को जांच के लिए घटना की कथित तारीख का सीसीटीवी फुटेज संरक्षित रखने का का अनुरोध किया गया था। यह एक संवेदनशील मामला है और इसकी जांच चल रही है। शिकायत में दावा किया गया कि अधोहस्ताक्षरी (राजशेखर) ने आधी रात को मंत्री (सतर्कता) के कथित निर्देशों के अनुसार, रिकॉर्ड ले जाने के इस तरह के आह्वान पर गंभीरता से आपत्ति जताई और इस तरह के कृत्य में शामिल नहीं होने पर कड़ी आपत्ति जताई। राजशेखर ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एक कर्मी ने उनका कमरा खोला और 15 मई की रात और 16 मई को तड़के 3 बजे तक कथित रूप से सभी रिकॉर्ड की फोटोकॉपी की।