नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा की शांति एवं सद्भाव समिति मंगलवार को फेसबुक पर जानबूझ कर भड़काऊ और घृणा फैलाने वाले पोस्ट को नजरअंदाज करने के मामले की सुनवाई करेगी। इसमें पत्रकार परांजॉय गुहा ठाकुरता और सोशल मीडिया एक्सपर्ट निखिल पाहवा को खासतौर पर समन जारी करके पूरी कार्यवाही में मौजूद रहने को कहा गया है।
इससे पहले कमेटी को कई शिकायतें मिली थी। इसमें आरोप लगाया है कि घृणित और भड़काऊ पोस्ट के खिलाफ आंतरिक पॉलिसी होने बावजूद फेसबुक ने ऐसी पोस्ट पर अंकुश नहीं लगाया। अमेरिका के एक अखबार में प्रकाशित इससे जुड़ी एक खबर में साजिश की आशंका जताई गई थी। ऐसी पोस्ट न केवल समुदायों के बीच में घृणा पैदा करते हैं, बल्कि समाज में दंगा और हिंसा की स्थिति पैदा करने में भी सक्षम हैं।
कमेटी ने शिकायतों की जांच के बाद प्रथम दृष्टया यह पाया कि फेसबुक अधिकारियों के खिलाफ लगाए गए आरोप काफी संगीन है, जिसकी यदि जांच नहीं की गई, तो इसके काफी दुष्प्रभाव परिणाम सामने आ सकते हैं। इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए कमेटी के चेयरमैन राघव चड्ढा ने शिकायतकर्ता और गवाहों को कमेटी के सामने उपस्थित होने का नोटिस जारी किया है।