दिल्ली में प्रदूषण घटने के बाद छठी से बारहवीं तक की सभी कक्षाओं के लिए स्कूल एक बार फिर से खोल दिए गए हैं। स्कूल खुले तो जरूर लेकिन कक्षाओं में छात्रों की उपस्थिति काफी कम रही। वहीं कई निजी स्कूल सोमवार से खुलेंगे। शनिवार को अधिकतर निजी स्कूलों में अवकाश रहता है।
वहीं दसवीं व बारहवीं की परीक्षाएं चलने के कारण कई स्कूल एक-दो कक्षाओं के बच्चों को ही बुला रहे हैं। कई स्कूल अगले सप्ताह से ही बच्चों को बुलाने की तैयारी कर रहे हैं। पहले भी जब भी स्कूल खुले हैं तब भी काफी कम संख्या में ही बच्चे स्कूल पहुंचे थे।
दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ने के बाद 13 नवंबर को स्कूलों व शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने के निर्देश दिए गए थे। उसके बाद 29 नवंबर से फिर से स्कूल खुले थे लेकिन उसके बाद प्रदूषण बढ़ने के कारण एक बार फिर से तीन दिसंबर को स्कूलों को बंद कर दिया गया था। शुक्रवार को दिल्ली सरकार ने शनिवार से सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, गैर सहायता प्राप्त, एमसीडी, एनडीएमसी, दिल्ली छावनी बोर्ड के स्कूलों को सभी कक्षाओं के लिए फिर से खोलने के लिए कहा था। इसके बाद कुछ स्कूल खुले।
शिक्षकों के अनुसार स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति पर ठंड का भी असर रहा। माउंट आबू स्कूल की प्रिंसिपल ज्योति अरोड़ा ने कहा कि हमारे यहां शनिवार को अवकाश होता है ऐसे में सोमवार को स्कूल खोलेंगे। तभी पता चलेगा कि कितने बच्चे स्कूल आएंगे।
सुभाष नगर स्थित सरकारी स्कूल के शिक्षक संत राम ने बताया कि आज स्कूल खुला लेकिन बच्चों की उपस्थिति कम रही। सोमवार को थोड़ी बहुत उपस्थिति बढ़ सकती है। दिल्ली स्टेट पब्लिक स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष आर.सी. जैन ने कहा कि सभी स्कूल सोमवार से बच्चों को ट्रांसपोर्ट की सुविधा उपलब्ध कराएं। अन्यथा सरकार ऐसे स्कूलों पर कार्रवाई करे।
स्कूल खुलने पर अभिभावकों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह आती है कि अधिकतर बड़े स्कूल अपने यहां अभी स्कूल बस की सुविधा नहीं दे रहे हैं। इसके कारण अभिभावकों की शिकायत रहती है कि उन्हें बच्चे को स्कूल छोड़ने और वहां से ले जाने में दिक्कत होती है। इससे अभिभावक चाहते हुए भी अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेज पाए।