वैश्विक महामारी कोविड-19 की दूसरी लहर को देखते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन कोरोना प्रभावित छात्रों को परीक्षा का एक अन्य मौका देने जा रहा है। दिल्ली विश्वविद्यालय का परीक्षा विभाग विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के शैक्षणिक सत्र 2020-21 परीक्षा के लिए नए दिशा-निर्देशों का इंतजार कर रहा है।
दरअसल यूजीसी ने 2019 सत्र की परीक्षा में कोरोना संक्रमण और कंटेनमेंट जोन वाले छात्रों को दोबारा परीक्षा की अनुमति दी थी। लेकिन अभी तक यूजीसी ने नया दिशा-निर्देश नहीं दिया है। वहीं, डीयू परीक्षा विभाग का कहना है कि छात्रों की दिक्कतों को समझते हुए उन्हें सुविधा दी जाएगी। किसी भी रैगुलर और नॉन रैगुलर छात्रों का साल खराब नहीं होने दिया जाएगा।
दिल्ली विश्वविद्यालय 7 जून से रैगुलर और नॉन रेगुलर की ओपन बुक परीक्षा की तैयारी में जुटा है। परीक्षा की डेट में किसी भी प्रकार में बदलाव नहीं किया जाएगा। छात्र और शिक्षक संगठन बेशक कोरोना के चलते परीक्षा स्थगित करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन बड़ी संख्या में छात्र समय से परीक्षा आयोजित करने के लिए प्रशासन को पत्र भी लिख रहे हैं। उनका मानना है कि तैयारी पूरी हो चुकी है। परीक्षा आयोजित होने से लेकर रिजल्ट जारी होने से उनका अगला दाखिला प्रभावित नहीं होगा।
पिछले साल 91 फीसदी छात्र शामिल
दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा 2020 में आयोजित पहली ओपन बुक परीक्षा में 91 फीसदी छात्र शामिल हुए थे। हालांकि उस समय कोरोना हालात अलग थे। इस बार कोरोना की दूसरी लहर में देशभर में संक्रमण दर अधिक थी। लेकिन परीक्षा आगे नौकरी और उच्च शिक्षा की मैरिट के लिए जरूरी है। इसीलिए विश्वविद्यालय प्रशासन भी उम्मीद कर रहा है कि छात्रों की संख्या इस बार कम हो सकती है। सामान्य समय में परीक्षा में छात्रों की उपस्थिति 90 से 95 फीसदी तक रहती है।