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दिल्ली: एफ्कॉन्स इन्फ्रा, एलएंडटी को झटका, एनजीटी ने एक-एक करोड़ का मुआवजा देने के आदेश पर पुनर्विचार से इनकार

Sun, 01 May 2022 06:04 PM IST
अनुराग सक्सेना पीटीआई, नई दिल्ली

सार

एनजीटी के चेयरपर्सन जस्टिस एके गोयल की अगुआई वाली पीठ ने कहा कि आवेदकों को एक बार नुकसान पहुंचाने और पर्यावरण के नियमों का उल्लंघन करने के बाद वे अपनी जवाबदेही से बच नहीं सकते।
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एनजीटी - फोटो : NGT
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विस्तार
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राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने एफ्कॉन्स इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और लर्सन एंड टॉब्रो (एलएंडटी) को जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में पाकल झील पर हाइड्रोलिक प्रोजेक्ट के अर्जी नाले में अवैज्ञानिक तरीके से डम्पिंग करने के लिए एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने के अपने आदेश पर पुनर्विचार करने से इनकार कर दिया है।

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एनजीटी के चेयरपर्सन जस्टिस एके गोयल की अगुआई वाली पीठ ने कहा कि आवेदकों को एक बार नुकसान पहुंचाने और पर्यावरण के नियमों का उल्लंघन करने के बाद वे अपनी जवाबदेही से बच नहीं सकते। पीठ ने कहा, ''बाद में कचरे को साफ करना किए जा चुके नुकसान और पर्यावरणीय नियम के उल्लंघन पर लगाए गए हर्जाने को माफ करने का आधार नहीं हो सकता।''

एफ्कॉन्स इन्फ्रास्ट्रक्चर और एलएंडटी ने एनजीटी के 17 फरवरी 2022 को दिए आदेश पर पुनर्विचार करने के लिए याचिका दी थी। उस आदेश में एनजीटी ने दोनों कंपनियों को आदेश दिया था कि वे एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दें।
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अधिकरण ने जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के पूर्व जज की अध्यक्षता वाली कमेटी की वेरीफिकेशन और वैधानिक नियामकों की प्रविष्टियों के बाद जुर्माना लगाया था कि आवेदकों ने निकासी के किनारे कचरा लगाकर उसके प्राकृतिक स्रोत को बाधित किया था।

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