25-30 फीसदी अभिभावकों ने स्कूल नहीं भेजने के लिए कहा है, जबकि 60-65 फीसदी ने स्कूल भेजने की हामी भरी है। अभी हम प्रैक्टिकल की तैयारी कराएंगे। इसके बाद थ्योरी की शुरुआत होगी। प्रार्थना सभा नहीं होगी और कैंटीन नहीं खोली जाएगी। बच्चों को लंच लेकर आना होगा।
थोड़ा सर्दी कम होने पर बच्चों के लिए योग व प्राणायाम की गतिविधि भी कराएंगे। एक कक्षा में आधे बच्चों को ही बुलाया जाएगा। स्कूल परिसर में बच्चों के लिए सामाजिक दूरी का खास ख्याल रखा जाएगा। स्कूल गेट पर भीड़ ना होने पाए इसका भी ध्यान रखेंगे।
काफी स्कूल ट्रांसपोर्ट की सुविधा नहीं देंगे
स्कूलों ने बच्चों को फिलहाल ट्रांसपोर्ट की सुविधा नहीं देने का फैसला किया है। इस कारण से बच्चों को खुद ही स्कूल आना होगा। इस संबंध में अभिभावकों को बता दिया गया है। स्कूलों का कहना है कि बस में सामाजिक दूरी का पालन कराना मुश्किल हो जाएगा।
वहीं कुछ ही अभिभावक बस या वैन से भेजना चाह रहे हैं तो एक दो बच्चे के लिए पूूरी बस की व्यवस्था करना अभी मुश्किल होगा। हालांकि कुछ ऐसे स्कूल भी हैं जहां अभिभावकों ने उन्हें वैन या बस की व्यवस्था करने के लिए कहा है, जिसके लिए स्कूलों ने ऐसे बच्चों का एक ग्रुप बना दिया है, जिन्हें बाद में बता दिया जाएगा।