केजरीवाल ने पीएम पर लगाया आरोप
दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ईडी की कार्रवाई पर बयान दिया है। उन्होंने सत्येंद्र जैन व उनके करीबियों के परिसरों पर छापेमारी के लिए प्रधानमंत्री पर आरोप लगाया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ''इस वक्त प्रधानमंत्री जी पूरी ताकत के साथ आम आदमी पार्टी के पीछे पड़े हैं - खासकर दिल्ली और पंजाब सरकारों के। झूठ पे झूठ, झूठ पे झूठ। आपके पास सारी एजेन्सीज की ताकत है, पर भगवान हमारे साथ है।''
जैन के खिलाफ ईडी ने सीबीआई द्वारा दायर की गई एक एफआईआर के आधार पर आपराधिक केस दर्ज किया था। एफआईआर में उल्लेख किया गया था कि सत्येंद्र जैन उन चार कंपनियों द्वारा प्राप्त धन के स्रोत की जानकारी नहीं दे पाए जिनमें वो शेयरहोल्डर हैं। जैन पर आरोप हैं कि उन्होंने दिल्ली में कई फर्जी कंपनियों को लॉन्च किया या खरीदा था। उन्होंने कोलकाता के तीन हवाला ऑपरेटरों की 54 फर्जी कंपनियों के माध्यम से 16.39 करोड़ रुपये के काले धन को भी सफेद किया था।
जैन के पास प्रयास, इंडो और अकिंचन नाम की कंपनियों में बड़ी संख्या में शेयर थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, 2015 में केजरीवाल सरकार में मंत्री बनने के बाद जैन के सभी शेयर उनकी पत्नी के नाम कर दिए गए थे। इन कंपनियों का प्रयोग कोलकाता की कंपनियों को नकद पैसे भेजने के लिए किया जाता था और बाद में शेयर खरीदने के नाम पर कानूनी रूप से जैन को पैसे वापस कर दिए जाते थे। कथित तौर पर इनके माध्यम से जैन ने 2010 से 2014 तक 16.39 करोड़ रुपये के काले धन को सफेद किया है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस मामले में जब आयकर विभाग द्वारा मुकदमा चलाया गया तो जैन ने दो फर्जी खाताधारकों (वैभव जैन और अंकुश जैन) के नाम पर जमा 16.39 करोड़ रुपये को 'आय प्रकटीकरण योजना (आईडीएस), 2016' के तहत नकदी के रूप में सरेंडर कर दिया।
केजरीवाल ने अपने हवालात मंत्री से इस्तीफा नहीं मांगा: शहजाद पूनावाला
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने ट्वीट कर सत्येंद्र जैन व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि 2.82 करोड़ रुपये नकदी और सोने के 133 सिक्कों की बरामदगी उनकी (सत्येंद्र जैन) की ईमानदारी का सबूत है। खुद को सबसे ईमानदार होने का दावा करने वाले सीएम केजरीवाल ने हवालात मंत्री बन चुके अपने स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा तक नहीं मांगा है।
भाजपा सांसद गौतम गंभीर का कहना है कि दिल्ली सरकार और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ईमानदारी का ढोंग पूरी तरह से बेनकाब हो गया है। गंभीर का आरोप है कि लंबे समय से मुख्यमंत्री अपने सहयोगियों के भ्रष्टाचार को बचा रहे थे। अब सब कुछ खुलकर सामने आ गया है। मुख्यमंत्री को उन सभी लोगों को जवाब देना चाहिए, जो अन्ना आंदोलन के बाद उनके साथ थे।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि सत्येंद्र जैन जिन्हें अरविंद केजरीवाल ईमानदारी का प्रमाणपत्र दे रहे थे, उनके करीबियों के ठिकानों पर जब ईडी की छापेमारी हुई तो 133 सोने के सिक्के और बिस्किट के साथ तीन करोड़ नकद बरामद हुआ है। इस पर अगर केजरीवाल के पास कोई जवाब है तो वह सामने आकर दें। ईमानदार राजनीति मुख्यमंत्री करते तो जैन को बर्खास्त कर चुके होते। गिरफ्तारी से पूरी पार्टी में बेचैनी है। केजरीवाल स्पष्ट करें कि सत्येंद्र जैन कट्टर ईमानदार हैं या भ्रष्टाचारी।