दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने के बाद विनोद नगर इलाके में रात के समय छाया स्मॉग।
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नई दिल्ली। इस सीजन में लगातार दूसरे दिन राजधानी की हवा बेहद खराब रही। कई इलाकों में गंभीर हालात रहे। सतह पर चलने वाली हवाओं के तकरीबन शांत पड़ने से प्रदूषक वातावरण में टिक गए हैं। इससे लोगों को प्रदूषण से राहत नहीं मिल पा रही है। सफर का पूर्वानुमान है कि सोमवार से थोड़ी राहत मिल सकती है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, दिल्ली में शनिवार सुबह से ही प्रदूषण का स्तर 300 से ऊपर रहा। अलीपुर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 432, जबकि मुंडका में 427 और वजीरपुर में 409 समेत दूसरे इलाकों की हवा की गुणवत्ता गंभीर स्तर तक खराब हुई। दिन में भी ज्यादा राहत नहीं मिल सकी। 24 घंटे का औसत एक्यूआई 345 रिकॉर्ड किया गया। हालांकि, शुक्रवार की तुलना में इसमें 21 अंकों का सुधार हुआ। सूचकांक 366 की तुलना में 345 पर पहुंच गया।
सफर के मुताबिक, सुबह से ही हवा बेहद खराब स्तर में रही। हवा की खराबी की अहम वजह सतह पर चलने वाली हवाओं का शांत हो जाना है। इससे आसमान में फैले प्रदूषक दूर-दूर तक नहीं जा पा रहे हैं। प्रदूषकों के दिल्ली में वातावरण में टिक जाने से हवा बेहद खराब बनी हुई है। सफर का पूर्वानुमान है कि हवाओं की चाल में 26 अक्तूबर से तेजी आएगी। इस बीच गुणवत्ता बेहद खराब नहीं रहेगी। सोमवार से गुणवत्ता में सुधार हो सकता है, लेकिन स्तर बेहद खराब ही बना रहेगा।
पराली के धुएं का हिस्सा कम
पंजाब, हरियाणा और अन्य पड़ोसी राज्यों में शुक्रवार को पराली जलाने के 1292 रिकॉर्ड किए गए। दिल्ली पहुंचने वाली हवा की दिशा पछुआ होने के बावजूद इसकी चाल कम रही। इससे सिर्फ 9 फीसदी हिस्सा ही पराली के धुएं का रहा। शुक्रवार को 15 फीसदी से ऊपर था।