बिना चीरा और दर्द के मरीजों की सर्जरी के लिए दिल्ली राज्य कैंसर संस्थान (डीएससीआई) में 5-6 साल पहले लाए गए रोबोट को बेहतर सर्जनों का इंतजार है। सर्जन के अभाव में यहां मरीजों की रोबोटिक सर्जरी नहीं हो पा रही है, जबकि एम्स के बाद दिल्ली सरकार का यह पहला अस्पताल था जहां कैंसर की रोबोटिक सर्जरी शुरू हुई थी। फिलहाल यहां केवल गायनी विभाग से जुड़े सर्जन हैं जो रोबोटिक सर्जरी कर रहे हैं, जबकि यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी सहित अन्य विभाग में वैकेंसी निकालने के बाद भी कोई सर्जन नहीं आ रहा है।
इस संबंध में संस्थान के निदेशक डॉ. किशोर कुमार का कहना है कि बेहतर सर्जन के अभाव में रोबोटिक सर्जरी का विस्तार नहीं हो पा रही है। अस्पताल में सर्जन लाने के लिए कई बार प्रयास किए लेकिन कई कारणों से सर्जन आते ही नहीं हैं। यहां फिलहाल गायनी विभाग से जुड़े सर्जन ही हैं जो फिलहाल सर्जरी कर रहे हैं।
बता दें कि रोबोटिक सर्जरी की मदद से ऑपरेशन के दौरान मरीज में बड़ा चीरा लगाने की जरूरत नहीं होती, बल्कि कुछ छोटे छेद करके डॉक्टर रोबोट के माध्यम से ऑपरेशन कर देते हैं। रोबोट की तकनीक आधुनिक होने के कारण कम समय में बेहतर ऑपरेशन हो जाता है और मरीज को कम दर्द व ब्लड लॉस का सामना करना पड़ता है। रोबोटिक सर्जरी के बाद मरीज को जल्दी छुट्टी भी मिल जाती है।
पूर्वी दिल्ली का सबसे बड़ा अस्पताल
दिल्ली में कैंसर के मरीजों के लिए पूर्वी दिल्ली में स्थित यह संस्थान सबसे बड़ा अस्पताल हैं। यहां रोजाना हजारों की संख्या में मरीज व तिमारदार आते हैं। डॉक्टरों की माने तो यहां आने वाले अधिकतर मरीजों की सर्जरी करनी पड़ती है। मरीजों की समस्या और डॉक्टरों की सुरक्षा को देखते हुए रोबोटिक सर्जरी की शुरूआत हुई थी, लेकिन अस्पताल में सर्जन न आने के कारण सुविधाओं का विस्तार नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि अस्पताल में अन्य विभाग के सर्जन आते हैं तो पूर्वी दिल्ली के मरीजों को रोबोटिक सर्जरी के लिए निजी अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना होगा।
अभी गायनी में हो रही सर्जरी
डॉ. किशोर कुमार की माने तो अस्पताल में गायनी विभाग से जुड़े सर्जन मौजूद हैं जिनकी मदद से यहां रोबोटिक सर्जरी हो रही है। वहीं अन्य डॉक्टरों की माने तो यहां पर महिलाओं के जननांग से संबंधित कैंसर के ऑपरेशन हो चुके हैं। यहां यूट्रस, ओवरी व सर्वाइकल कैंसर की सर्जरी की जा रही है। इस रोबोटिक मशीन में ऐसे कैमरे व तकनीक का इस्तेमाल किया गया है जिसके सहारे कैंसर के ट्यूमर आसानी से दिखाई दे जाते हैं। जिससे सर्जरी करना आसान हो जाता है।