अदालत ने शुक्रवार को दिल्ली दंगों के मामले में आरोपी आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता ताहिर हुसैन और पांच अन्य के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा आरोपी हुसैन न केवल दंगों का एक साजिशकर्ता है बल्कि दंगों में सक्रिय भूमिका भी निभाई है।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि पेश साक्ष्यों व गवाहों के बयानों के आधार पर सभी आरोपियों के खिलाफ धारा 147/148/427/435/436/395 के तहत प्रथम दृष्टया मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य है। अदालत ने अपने फैसले में कहा आरोपी हुसैन केवल मूक दर्शक नहीं था, बल्कि दंगों में भी सक्रिय भाग ले रहा था और गैरकानूनी से एकत्रित लोगों को अन्य समुदायों के लोगों को सबक सिखाने के लिए उकसा रहा था।
हुसैन को ईडी ने 31 अगस्त 2020 को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनकी कथित भूमिका के लिए गिरफ्तार किया था। उन पर नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए) और उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दिल्ली दंगों के खिलाफ प्रदर्शनकारियों को फंड देने के लिए शेल कंपनियों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है। मार्च 2022 में ताहिर हुसैन की जमानत अर्जी भी दिल्ली की एक अदालत ने खारिज कर दी थी। अदालत ने कहा था कि प्रथम दृष्टया शिकायत और रिकॉर्ड में रखी गई सामग्री को देख्रने के उनका मानना है कि पीएमएलए के प्रतिबंध पर विचार करते हुए यह नहीं माना जा सकता है कि आवेदक कथित अपराधों का दोषी नहीं है या उसके द्वारा ऐसा कोई अपराध करने की संभावना नहीं है।
अदालत ने कहा ऐसा नहीं माना जा सकता कि आरोपी जमानत पाने के बाद अपराध में लिप्त नहीं होगा और उस पर लगे गंभीर आरोप को देखते हुए जमानत का कोई आधार नहीं है। हुसैन न कई बार जमानत आवेदन दायर किया है, लेकिन अदालत ने उसे जमानत देने से इनकार कर दिया। दिल्ली दंगों के मामले में हुसैन के अलावा उमर, खालिद सहित काफी आरोपी है। दंगों में करीब 59 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि करीब 700 लोग घायल हुए थे।