फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi News : हर ‘इंकलाबी’ का हिसाब रखेगी पुलिस, हिंसक प्रदर्शनों में शामिल होने वालों का तैयार हो रहा है बायोडाटा

Sat, 25 Jun 2022 05:59 AM IST
दुष्यंत शर्मा पुरुषोत्तम वर्मा , नई दिल्ली

सार

दिल्ली पुलिस हर उस ‘इंकलाबी’ का ब्योरा जुटा रही है जो हिंसक प्रदर्शनों में शामिल रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज, वीडियो क्लिप और मोबाइल सर्विलांस समेत सभी संभव तरीकों की मदद से ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है।
विज्ञापन
जंतर मंतर पर प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राष्ट्रीय राजधानी के लुटियन जोन में प्रदर्शन करने की सोच रहे हैं तो जरा रुकिए..., क्योंकि यहां प्रदर्शन करना मना है। कहीं ऐसा न हो कि आपका भी बायोडाटा तैयार हो जाए, क्योंकि दिल्ली पुलिस हर उस ‘इंकलाबी’ का ब्योरा जुटा रही है जो हिंसक प्रदर्शनों में शामिल रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज, वीडियो क्लिप और मोबाइल सर्विलांस समेत सभी संभव तरीकों की मदद से ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है।

विज्ञापन


पुलिस का मकसद है कि प्रदर्शनों के दौरान होने वाले बवाल में असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखी जा सके। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पर आग की घटना के बाद नई दिल्ली जिला पुलिस उपायुक्त अमरुथा गुगुलोथ ने बृहस्पतिवार इस बाबत आदेश जारी कर दिया। बायोडाटा तैयार करने के लिए कई टीमों का गठन किया गया है। 

इसलिए पड़ी जरूरत : पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पिछले दिनों एनएसआईयूपी के नेताओं ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास के मेन गेट और सुरक्षा गार्ड रूम में आग लगा दी थी। वहीं, केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के विरोध में भी प्रदर्शन किए गए।
विज्ञापन


इन मामलों में आईपीसी की धारा-188 के तहत मामला दर्ज हुआ है। अति संवेदनशील इलाकों में प्रदर्शन और हिंसक घटनाओं को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने निर्णय लिया है कि इन मामलों में वांछित लोगों का बायोडाटा तैयार किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं रोकी जा सकें। इनके अलावा अब जो भी लुटियन जोन में प्रदर्शन या हिंसक घटनाएं करने का प्रयास करेगा उसका पूरा लेखा-जोखा तैयार की जाएगा।

जल्द पकड़े जाएंगे आरोपी : पुलिस के मुताबिक, बायोडाटा तैयार होने से पुलिस के बाद प्रदर्शनकारियों का ब्योरा होगा। यदि प्रदर्शन हिंसक होता है तो ऐसे लोगों को तत्काल बुलाकर पूछताछ की जा सकेगी। यदि कोई दोषी है तो उस पर कार्रवाई की जा सकेगी।

हजारों लोग नामजद
प्रदर्शनकारियों का बायोडाटा तैयार करने के लिए हर थाने में टीमें बनाई गई हैं। धारा-188 के दर्ज मामले के जांच अधिकारी इन टीमों की मदद करेंगे। बताया जा रहा है कि आईपीसी की धारा 188 के करीब 200 मामले दर्ज हो चुके हैं। इनमें हजारों लोग नामजद हैं, जिनमें कई बड़े नेता भी शामिल हैं।

अक्सर यहां होते हैं प्रदर्शन
यूं तो अनुमति के बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया जा सकता है, लेकिन उसमें भी एक हजार से ज्यादा लोग नहीं होने चाहिए। किसी भी मामले का विरोध करने से पहले प्रदर्शन के लिए नई दल्ली डीसीपी कार्यालय से अनुमति लेनी होती है, परंतु ज्यादातर लोग संसद मार्ग, 24 अकबर रोड, इंडिया गेट, रायसीना रोड, कस्तूरबा गांधी मार्ग, यूपी भवन के सामने सरदार पटेल मार्ग, कनॉट प्लेस का सेंट्रल पार्क, अमेरिकी दूतावास और चाइनीज दूतावास के बाहर प्रदर्शन करते रहते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें