नई दिल्ली। आजादी के अमृत महोत्सव के बीच दिल्ली पुलिस के 75वें स्थापना दिवस पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्ली पुलिस को अगले 5 साल और 25 साल के बेहतर लक्ष्यों के साथ खाका तैयार करने के लिए कहा। बुधवार को न्यू पुलिस लाइन किंग्सवे कैंप के परेड ग्राउंड में स्थापना दिवस को पुलिस ने भव्यता के साथ मनाया। मुख्य अतिथि अमित शाह ने परेड की सलामी ली। इस मौके पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने राज्य मंत्री (संचार) देवुसिंह जे. चौहान और पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना के साथ दिल्ली पुलिस स्मारक टिकट जारी किया।
गृहमंत्री अमित शाह ने जवानों को कोविड महामारी और दिल्ली दंगों के दौरान निभाई गई भूमिका और विशेष रूप से निष्पक्ष और सख्ती से जांच करने के लिए के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि पुलिस ने कोविड महामारी के दौरान असाधारण काम किया और इस दौरान कई आतंकी कोशिशों को नाकाम किया। उन्होंने कहा कि इन 75 वर्षों में दिल्ली पुलिस ने शांति सेवा और न्याय को अपने कठिन परिश्रम व समर्पण से सही मायनों में जमीनी स्तर पर चरितार्थ किया है। गृहमंत्री ने कहा कि देश की राजधानी होने के नाते आतंकवाद, नारकोटिक्स और राजनयिक क्षेत्र की सुरक्षा की चुनौतियां दिल्ली पुलिस के सामने है। गृहमंत्री अमित शाह ने स्थापना दिवस पर पुलिस अफसरों, जवानों को उनके उत्कृष्ट सेवा कार्यों व वीरता के लिए पुलिस पदक प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर केंद्रीय सचिव अजय भल्ला, आईबी डायरेक्टर अरविंद कुमार, सीबीआई सुबोध कुमार जायसवाल समेत कई पूर्व पुलिस कमिश्नर, व पुलिस जवानों के परिवार मौजूद रहे।
रोहिणी में पुलिस उपायुक्त कार्यालय का किया उद्घाटन
समारोह के बाद दोपहर को गृहमंत्री अमित शाह रोहिणी पहुंचे, जहां उन्होंने नवनिर्मित पुलिस उपायुक्त कार्यालय का उद्घाटन किया। अमित शाह ने यहां कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार सभी पुलिस व सशक्त बलों के लिए बेहतर कार्य आवासीय और स्वास्थ्य सुविधाओं को उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
प्रदर्शनी का शुभारंभ किया, पुस्तक का भी विमोचन
गृहमंत्री अमित शाह ने पुलिस परिवार कल्याण समिति द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया। साथ ही समिति की पुस्तक ‘कोशिश एक आशा’ के 5वें संस्करण का विमोचन भी किया।
दंगे में शहीद हवलदार रतन लाल की स्मृति में विशेष पदक
दिल्ली दंगे में शहीद हुए हवलदार रतन लाल की स्मृति में विशेष पदक समर्पित किया गया। गृहमंत्री अमित शाह जी ने 62 पुलिस कर्मियों को वीरता, विशिष्ट सेवा, सराहनीय सेवा और जीवन रक्षा पदक भी प्रदान किए। दंगे के दौरान जान की बाजी लगाने वाले पुलिस उपायुक्त अमित शर्मा सहित कई पुलिसकर्मियों को वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया।
कंझावला बना सर्वश्रेष्ठ थाना
गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्ली के सर्वश्रेष्ठ थानों को पुरस्कृत किया। इस बार कंझावला को सर्वश्रेष्ठ थाने का इनाम मिला। कृष्णा नगर को दूसरा जबकि कश्मीरी गेट थाने को तीसरा पुरस्कार मिला। कंझावला थाना प्रभारी जरनैल सिंह, कृष्णा नगर थाना प्रभारी रजनीश कुमार और कश्मीरी गेट थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार ने मुख्य अतिथि से ट्रॉफी ग्रहण की।
महिला और कमजोर वर्ग की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता : पुलिस आयुक्त
पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना ने कहा कि महिला और कमजोर वर्गों की सुरक्षा दिल्ली पुलिस के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होने कहा कि हमारा लक्ष्य 2025 तक महिला पुलिसकर्मियों की भागीदारी को कुल संख्या के एक चौथाई तक बढ़ाना है। दिल्ली पुलिस हमेशा आगे बढ़ी है और हर क्षेत्र में खुद को साबित किया है। कोविड महामारी के दौरान 79 पुलिसकर्मियों ने अपनी जान गंवाई। दिल्ली पुलिस डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के साथ अग्रिम पंक्ति में रही और नागरिकों की हर संभव सहायता प्रदान की। पुलिस आयुक्त ने कहा कि बल अपने कर्मियों के कल्याण के लिए भी प्रतिबद्ध है और उसने चालू वर्ष में पांच हजार से अधिक पदोन्नति दी है, जिसमें 48 आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन हैं। 45 पुलिस कर्मियों को असाधारण कार्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया और 164 मृतक पुलिसकर्मियों के परिजनों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी दी गई। पुलिस आयुक्त ने कहा कि कर्मियों की ड्यूटी के घंटे भी तय करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए कौशल केंद्र स्थापित किए गए हैं जो मुख्यधारा से भटक गए हैं। ऐसे पचास हजार से अधिक युवाओं को विभिन्न कौशल में प्रशिक्षित किया गया है और उन्हें नौकरी या व्यवसाय स्थापित करने के अवसर भी प्रदान किए गए हैं। उन्होंने पीसीआर के लिए प्रतिक्रिया समय को आठ मिनट से घटाकर चार मिनट करने की बात कही।
शस्त्र लाइसेंस के लिए स्मार्ट कार्ड बनाने वाला पहला राज्य बना दिल्ली
नई दिल्ली। दिल्ली शस्त्र लाइसेंस के लिए स्मार्ट कार्ड बनाने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। बुुधवार को दिल्ली पुलिस के 75वें स्थापना दिवस के मौके पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बाकायदा शस्त्र का स्मार्ट कार्ड और शस्त्र मोबाइल एप लांच किया। स्मार्ट कार्ड बनने से शस्त्र लाइसेंस धारकों को न सिर्फ इसे लेकर चलने में आसानी होगी, बल्कि इसकी जांच करने में भी पुलिस को काफी सहूलियत होगी। शस्त्र मोबाइल एप को ई-बीट बुक से जोड़ा गया है। किसी भी समय पुलिस अधिकारी लाइसेंस धारकों की जांच कर सकेंगे। दिल्ली पुलिस ने शस्त्र मोबाइल एप और स्मार्ट कार्ड को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन की मदद से तैयार किया है। पुराने लाइसेंस धारक भी स्मार्ट कार्ड के लिए दिल्ली पुलिस की लाइसेंसिंग यूनिट की वेबसाइट पर जाकर इसके लिए आवेदन कर सकेंगे। लाइसेंसिंग यूनिट के संयुक्त आयुक्त डॉ. ओपी मिश्रा ने बताया कि दिल्ली पुलिस देश की ऐसी पहली पुलिस बन गई है, जिसने लाइसेंस धारकों के लिए स्मार्ट कार्ड लांच किया है। जिन लोगों के नए लाइसेंस बनाए जाएंगे उनको स्मार्ट कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा। जिन लोगों के पुराने लाइसेंस हैं, यदि वह अपना नया स्मार्ट बनवाना चाहते हैं तो उनको www.delhipolicelicensing.gov.in से एक फॉर्म डाउनलोड कर उसे भरकर जानकारी देनी होगी। इसके बाद लाइसेंस धारक को किताब की जगह स्मार्ट कार्ड उपलब्ध करा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि शस्त्र एप को सभी बीट ऑफिसर की ई-बीट बुक में उपलब्ध कराया गया है। बीट अधिकारी या अन्य पुलिस ऑफिसर लाइसेंस धारक के 18 अंकों के यूआईएन की मदद से उसके लाइसेंस की जांच कर सकेंगे। इससे पिकेट पर, एयरपोर्ट, बॉर्डर, क्लब, होटल व दूसरे सार्वजनिक स्थानों पर लाइसेंस धारकों की जांच की जा सकेगी। बता दें कि डिजिटल इंडिया की पहल पर दिल्ली पुलिस ने इसकी शुरुआत की है।