दिल्ली के जामिया नगर थाना क्षेत्र में आर्थिक तंगी और अपना ई-रिक्शा बिकने की बात से दुखी होकर एक व्यक्ति डिप्रेशन में चला गया और उसने फांसी लगाकर जान देने की कोशिश की लेकिन पुलिस की सक्रियता से उसे बचा लिया गया।
दक्षिण-पूर्व जिला डीसीपी ईशा पांडेय ने बताया कि जामिया नगर के ओखला विहार से पुलिस को सूचना मिली थी कि एक युवक ने अपने गले में फांसी का फंदा डाल लिया है और वह पंखे से लटका हुआ है। इस बीच सिर्फ चार मिनट में पीसीआर वैन काइट 12 के दो पुलिसकर्मी एसआई रामदास व हवलदार महेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे गए। उन्हें वहां महिला शमीम बेगम मिली ने बताया कि उसके बेटे ने फांसी लगा ली है। गेट तोड़कर दोनों पुलिसकर्मी कमरे के अंदर घुस गए। अंदर करीब 22 वर्ष का युवक स्टूल पर खड़ा था और दुपट्टा उसके गले में बंधा हुआ था। दुपट्टे का दूसरा किनारा किनारा पंखे से बंधा हुआ था। वह फांसी लगाने वाला था तभी पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ लिया।
कुछ ही सेकेंड की देरी में हो सकता था हादसा
एक पुलिसकर्मी ने युवक के पैर पकड़े और दूसरे ने गले से फंदा निकालकर उसकी जान बचा ली। अगर पुलिस मौके पर सही समय पर नहीं पहुंची तो कुछ ही सेकंड में उसकी जान जा सकती थी। युवक की मौके पर ही काउंसलिंग कराई गई। युवक अपना ई-रिक्शा बिकने की बात से और आर्थिक तंगी से दुखी था और डिप्रेशन में चला गया था। जामिया नगर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।