मोबाइल थाने में किसी को सूचना देने के लिए एलईडी पैनल के अलावा पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम (पीए), अंदर-बाहर सीसीटीवी कैमरे, इंटरनेट और दूसरी सुविधाएं मौजूद हैं। इसमें बैठक करने के अलावा किसी से पूछताछ करने और रणनीति बनाने की व्यवस्था भी होगी। वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस की मौजूदगी की वजह से कई बार बड़ी वारदात नहीं हो पातीं, इसलिए मोबाइल पुलिस थाने की शुरुआत की गई है।
फिलहाल, इसे अस्थायी रूप से शुरु किया गया है। जी-20 के बाद इसे जारी रखने पर विचार किया जा रहा है। मोबाइल पुलिस स्टेशन पर तैनात टीम बिल्कुल पुलिस स्टेशन की तरह शिकायत लेने या दूसरे काम करेगी। इसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाना भी आसान है। फिलहाल जी-20 समाप्त होने के बाद इसको त्योहारी सीजन में इस्तेमाल करने पर विचार किया जा रहा है। इसकी मदद से किरायेदार, घरेलू सहायकों व अन्य का सत्यापन किया जा सकेगा।
मध्य जिला पुलिस की ओर से मोबाइल पुलिस स्टेशन खोलने की पहल की गई है। बाकी दूसरे जिले भी इस पर अपनी पहल करने पर विचार कर रहे हैं। मोबाइल पुलिस स्टेशन खोलने को लेकर दिल्ली पुलिस के आलाधिकारियों ने मध्य जिला पुलिस की जमकर तारीफ की है।