वारदात के बाद से ही पुलिस को विजेंद्र की तलाश थी। दिल्ली पुलिस ने विजेंद्र की गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया हुआ था। स्थानीय पुलिस, अपराध शाखा और स्पेशल सेल को विजेंद्र की तलाश थी। इस बीच सोमवार को स्पेशल सेल को सूचना मिली कि सोनीपत के रोहाना गांव में विजेंद्र आने वाला है।
सूचना के बाद सेल की टीम ने पूरे गांव का घेराव कर लिया। इस बीच शाम को विजेंद्र गांव में पहुंचा। पुलिस को देखते ही उसने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने पीछा कर काबू कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने अपने साथी मनोज के साथ मिलकर नांगलोई में एक कार लूटी थी।
इसके अलावा कुलदीप नामक साथी के साथ मिलकर सोनीपत के भाटगांव में एक पटवारी की हत्या कर दी थी। कुलदीप का पटवारी से झगड़ा चल रहा था। इसके बाद विजेंद्र ने अपने साथी संदीप मेंटल और जगदीप के साथ मिलकर नजफगढ़ में एक प्लॉट पर कब्जा करने को लेकर फायरिंग कर दी थी।
जिसके बाद अपराध शाखा ने विजेंद्र को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन 2016 में उसे जमानत मिल गई। बाद में विजेंद्र ने कर्मवीर के साथ मिलकर 2018 में संजय की हत्या कर शव सोनीपत की नहर में फेंक दिया था।