दिल्ली के साकेत थाना पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग(आईएचआरसी) नाम के एनजीओ के अधिकारी बनकर वसूली करने वाले वकील समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये शराब की दुकान चलाने वालों से कम उम्र के लड़कों को शराब बेचने की बात कहकर वसूली करते थे।
आरोपियों ने दिखाने के लिए हथियारबंद पीएसओ रखे हुए थे। इन्होंने 50 हजार महीने पर किराए पर एरिग्टा कार, 32 हजार रुपये में दो पीएसओ और 25 हजार रुपये में एक बाउसंर रखा हुआ था।
दक्षिण जिला डीसीपी अतुल कुमार ठाकुर के अनुसार एसआई विक्रम व एएसआई गिरीराज अन्य स्टाफ के साथ बृहस्पतिवार शाम को सेलेक्ट सिटी मॉल के पास थे। तभी विनय कुमार ने बताया कि सदर्न पार्क मॉल में स्थित उसकी शराब की दुकान पर कुछ संदिग्ध लोग आए और खुद को आईएचआरसी नामक एनजीओ से बताते हुए ये कहते हुए पैसे की मांग कर रहे है कि दुकान से कम उम्र के लड़कों को शराब बेची जा रही है।
आरोपी धमकी दे रहे हैं कि अगर पैसे नहीं दिए तो उसकी दुकान का लाईसेंस र्दद कर दिया जाएगा। साकेत थानाध्यक्ष अनिल मलिक के निर्देश पर टीम मौके पर पहुंची तो शराब की दुकान के सामने एक एरिग्टा कार को खड़ी पाया। कार पर राष्ट्रीय सचिव(लीगल सेल) आईएचआरसी की प्लेट लगी हुई थी। शराब के दुकान के अंदर पांच लोग थे। इनमें दो हथियाबंद पीएसओ थे।
इनसे कुमार शशांक नाम के आरोपी ने कहा कि दुकान से कुछ समय 25 वर्ष से कम उम्र के लड़के शत्रुध्न को शराब बेची गई है। मैनेजर नरेश ने ये बात अपने मालिक को बताई तो मालिक ने कहा कि उसकी सैदुल्लाजॉब में स्थित दुकान पर ही बुधवार को इसी तरह लोग आए थे और 40 हजार रुपये लेकर चले गए। आरोपी दस लाख रुपये मांग रहे थे।
तभी इस दुकान का मैनेजर विनय कुमार सिंह पर साकेत वाली दुकान पर पहुंच गया। उसने आरोपियों की पहचान कर ली। साकेत पुलिस ने मामला दर्जकर पेशे से वकील नेबसराय निवासी कुमार शशांक(27), नीरज(24), कार मालिक नितिन(30), पीएसओ नरेश (40), झज्जर, हरियाणा निवासी पीएसओ प्रदीप और नकली ग्राहक बनकर दुकान पर शराब खरीदने गए शत्रुध्न (21) को गिरफ्तार कर लिया।
आईएचआरसी एनजीओ में कानूनी सलाहकार था शशांक
पेशे से वकील शशांक आईएचआरसी नामक एनजीओ के पांडव नगर कार्यालय में कानूनी सलाहकार था। उसी ने टैक्सी, पीएसओ व हथियार खरीदे थे। इनके पास एक गाड़ी, दो राइफल, 20 हजार रुपये और मानवाधिकार आयोग के लैटर बरामद किए हैं।