वैक्सीन लगवाने गए एक युवक को ड्रेस कोड का हवाला देकर सुरक्षा कर्मचारियों ने टीकाकरण केंद्र से लौटा दिया। युवक से कहा गया कि वह हाफ पेंट में वैक्सीन नहीं लगवा सकते। इसके लिए उन्हें कपड़े बदलकर आना होगा। हैरानी की बात यह है कि इसी पहनावे में दूसरे टीकाकरण केंद्र पर युवक को वैक्सीन लगा दी गई। मामले के तूल पकड़ने से पहले की प्रशासनिक अधिकारी हरकत में आए और उन्होंने मना करने वाले कर्मचारियों का ब्यौरा मांगा। साफ किया कि टीकाकरण कराने के लिए किसी विशेष ड्रेस कोड की अनिवार्यता नहीं है।
दिल्ली के ब्रहमपुरी निवासी ईशू नेगी (21) ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक किया है। दूसरी लहर में कोरोना से खराब हुए हालातों को देखते हुए वह शास्त्री पार्क के सर्वोदय बाल विद्यालय में बुधवार सुबह वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंचे। उन्होंने उस समय हाफ पेंट और टी-शर्ट पहनी हुई थी। टीकाकरण केंद्र के अंदर दाखिल होते ही वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। पूछने पर उन्होंने युवक को बताया कि इस ड्रेस में वह वैक्सीन लगवाने के लिए नहीं जा सकते। उन्हें पूरा पेंट और शर्ट पहनकर आना होगा।
यह बात सुनने के बाद ईशू मायूस होकर घर लौटने लगा, लेकिन फोन पर किसी से बात करने के बाद उन्होंने दूसरे टीकाकरण केंद्र का रुख कर लिया। वहां उनको बिना किसी बंदिश के इसी ड्रेस में प्रवेश करने दिया गया और टीका भी लगाया गया।
ईशू ने बताया कि इस मामले की जानकारी उन्होंने अपने कुछ परिचित लोगों को दी। इसके तुरंत बात ही उनके परिचित लोगों ने इस मामले को तत्काल प्रशासनिक अधिकारियों को बताया। इस मामले में संबंधित जिले के एसडीएम का कहना है कि वैक्सीन लेने के लिए कोई विशेष ड्रेस कोड नहीं है।
उन्होंने युवक को वापस भेजने वाले सुरक्षा कर्मचारियों का ब्यौरा मांगा है और उनसे पूछा कि है कि कर्मचारियों ने युवक को क्या पहनने को कहा और ऐसा क्यों हुआ। युवक का कहना है कि इस मामले मे उचित कदम उठाया जाए, ताकि केंद्रों पर ऐसी परेशानी की नौबत न आए।