शाहदरा स्थित जीटीबी अस्पताल से 25 मार्च को गैंगस्टर कुलदीप मान उर्फ फज्जा को भगाने के दौरान तीसरी बटालियन के पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्ची पाउडर दो नाबालिगों ने फेंका था। ये दोनों बहादुरगढ़ में छारा के रहने वाले हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दोनों नाबालिगों को पकड़कर मंगलवार को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में पेश किया। बताया जा रहा है कि जीटीबी एन्क्लेव थाना पुलिस ने दोनों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इन नाबालिगों की उम्र 17 व साढ़े 17 वर्ष के बीच है। इन दोनों ने खुलासा किया कि कुलदीप मान को जीटीबी अस्पताल से भगाने की साजिश कई महीने पहले रची गई थी। यह साजिश पूरी तरह प्रोफेशनल अंदाज वाली थी। पूरी साजिश में 15 से 17 बदमाश शामिल थे। हरेक को अलग-अलग टास्क दिया गया था। फज्जा ने नाबालिगों को फोन पर बताया था कि उन्हें पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्ची पाउडर फेंकना है। उन्होंने यह काम अंजाम दिया।
दोनों आरोपियों ने बताया कि फज्जा ने उन्हें मंडोली जेल से कई बार फोन किया। पुलिस इनसे पूछताछ के बाद उस फोन को बरामद करने में लगी हुई है, जिस पर फज्जा ने मंडोली जेल से कॉल की थी। उधर, स्पेशल सेल और जीटीबी एन्क्लेव थाना पुलिस अब तक फज्जा के उस फोन को जब्त नहीं कर पाई हैं, जिसे वह मंडोली जेल में चला रहा था। दिल्ली पुलिस के अधिकारी दबी जबान में कह रहे हैं कि जेल प्रशासन सहयोग नहीं कर रहा। स्पेशल सेल ने फिल्मी स्टाइल में जीटीबी अस्पताल से फरार होने वाले कुलदीप मान उर्फ फज्जा को रोहिणी के तुलसी अपार्टमेंट में 28 मार्च को मुठभेड़ में ढेर कर दिया था।
स्पेशल सेल के अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम से पता लगा है कि कुलदीप मान उर्फ फज्जा को पांच गोलियां लगी थीं। कुलदीप ने पुलिसकर्मियों पर आठ गोलियां चलाई थीं। जवाब में पुलिस ने 12 गोलियां चलाई थीं। पुलिस को फज्जा के कब्जे से पाकिस्तान निर्मित पिस्टल भी मिली थी।