पूर्वी दिल्ली के प्रीत विहार में मुथूट फिनकॉर्प के मैनेजर की सूझबूझ से बड़ी वारदात टल गई। पांच जुलाई को कुछ बदमाश कंपनी में रखे 3.7 करोड़ रुपये का सोना लूटने आए थे, लेकिन मैनेजर ने अपनी जेब में रखा सिक्योरिटी रिमोट दबा दिया। अलार्म बजते ही बदमाश भाग गए। बदमाश कंपनी से सिर्फ 56 हजार रुपये ही ले सके। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने लूटपाट करने वाले मास्टरमाइंड समेत चार बदमाशों को सात जुलाई को गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से तीन पिस्टल, आठ कारतूस, दो मोटरसाइकिल व दो लूटे गए मोबाइल बरामद किए गए हैं।
अपराध शाखा डीसीपी राजेश देव के अनुसार, गिरफ्तार बदमाशों की पहचान मेरठ के तहसील मावाना स्थित गांव सोनदत निवासी आमिर उर्फ त्यागी और तालिब, दिल्ली के खजूरी खास निवासी सिराजुद्दीन और मथुरा के गांव मानागढ़ी निवासी त्रिपेश कुमार उर्फ परवेश के रूप में हुई। उन्होंने बताया कि पांच जुलाई को प्रीत विहार थाने में मुथूट फिनकॉर्प कंपनी में लूट का मामला दर्ज किया गया था।
शिकायत में कहा गया था कि पांच जुलाई को सुबह साढ़े दस बजे हथियारों से लैस चार बदमाश विकास मार्ग स्थित मुथूट फिनकॉर्प कंपनी के कार्यालय में आए। उन्होंने हथियार दिखाकर 56 हजार रुपये लूट लिए। बदमाशों ने स्ट्रांग रूम में रखे सोने को लूटने की कोशिश की। उन्होंने ब्रांच स्टाफ ने वॉल्ट की चाबी छीन ली। इसके बीच ब्रांच मैनेजर ने सूझबूझ दिखाकर जेब में रखे सिक्योरिटी रिमोट को चुपके से दबा दिया। इसके बाद सिक्योरिटी सिस्टम बजने लगा। अलार्म बजते ही बदमाश भाग खड़े हुए। बदमाशों ने भागते हुए दो कर्मियों पर पिस्टल की बट से हमला कर दिया।
इंस्पेक्टर अमित प्रकाश को सात जुलाई को सूचना मिली कि वारदात में शामिल दो बदमाश आमिर और तालिब बारापूला होते हुए एम्स के पास आएंगे। टीम ने किलोकरी स्थित गुरुद्वारा बाला साहिब के पास घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया। इनसे पूछताछ के बाद मास्टरमाइंड सिराजुद्दीन व त्रिपेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी से तीन केस को सुलझाने का दावा किया है। आमिर के खिलाफ 11, तालिब के खिलाफ तीन और सिराजुद्दीन के खिलाफ दो मामले दर्ज हैं।