लालकिले में तोड़फोड, हिंसा व धार्मिक झंडा फहराने के बाद काफी प्रदर्शनकारी लालकिले पर धरने पर बैठ गए थे। इन लोगों के धरने पर बैठने के लिए किसान नेता सुखदेव सिंह ने ही उकसाया था। ये कई घंटे धरने पर बैठे रहे थे। रात करीब साढ़े दस बजे ज्यादातर उपद्रवी मौके से चले गए तो तब पुलिस ने सुखेदव सिंह व अन्य को लालकिले से धरने से उठाया था। अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शिबेश सिंह ने बताया कि मोबाइल लोकेशन से भी ये पता चला है कि सुखदेव सिंह लालकिले पर मौजूद थे। ये सुखदेव सिंह के खिलाफ सबसे बड़ा सबूत है।
अपराध शाखा डीसीपी मोनिका भारद्वाज ने बताया कि सुखदेव सिंह हिंसा वाले दिन शाम करीब साढ़े चार बजे लालकिले पर पहुंचा था। इसके साथ इसके समर्थक मौजूद थे। ये हिंसा के बाद लालकिले पर धरने पर बैठे उपद्रवियों का मुखिया बन गया था। वह लोगों को उकसा रहा था। पुलिस ने रात करीब साढ़े दस बजे सुखदेव सिंह व अन्य प्रदर्शनकारियों को लालकिले से हटाया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुखदेव सिंह ने पूछताछ में कुछ ज्यादा सहयोग नहीं किया। वह एक ही बात को बार-बार बता रहा है।
अपराध शाखा के एक अधिकारी ने बताया कि टीकरी बॉर्डर पर धरने प बैठे आरोपी किसान नेताओं को बुधवार को तीसरा नोटिस जारी किया जाएगा। अभी तक दो नोटिस जारी किए जा चुके हैं। मगर इनमें से कोई भी नेता पूछताछ में शामिल नहीं हुआ है। इनमें बूटा सिंह बुर्जगिल जैसे नेता शामिल हैं। करीब सात से आठ नेताओं को तीसरा नोटिस पूछताछ में शामिल होने के लिए जारी किया जाएगा।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि टीकरी बॉर्डर से चलकर जिन लोंगों ने नांगलोई पहुंचकर उत्पात मचाया था उनमें से करीब 60 लोगों की पहचान हो गई है। इन लोगो ं के फोटो सामने आ चुके हैं। फेस रिकाग्नाईजेशन सिस्टम(एफआरएस) से लाईसेंस के जरिए इन लोगों के पते व मोबाइल नंबर लिया जा रहा है। दिल्ली पुलिस ने पंजाब, हरियाणा, यूपी, राजस्थान व उत्तराखंड अथॉरिटी से ड्राइविंग लाईसेंस का डाटा मंगा लिया हैं।