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सरकार का खुलासा : राजधानी में ब्लैक फंगस से अब तक 250 की गई जान

Thu, 22 Jul 2021 04:47 AM IST
दुष्यंत शर्मा परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली

सार

  • कोरोना की तुलना में 13 गुना ज्यादा जानलेवा है यह बीमारी
  • दूसरी लहर निकलने के बाद भी 900 से अधिक मरीजों का चल रहा है इलाज
  • 35 रोगियों ने डॉक्टरों की सलाह लेने से किया इनकार, कहां गए किसी को पता नहीं
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ब्लैक फंगस (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोरोना संक्रमित मरीजों में ब्लैक फंगस के चलते अब तक दिल्ली में 252 लोगों की मौत हो चुकी है। 900 से ज्यादा मरीजों की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना संक्रमण की तुलना में ब्लैक फंगस 13 गुना अधिक जानलेवा है। इसलिए सतर्क रहने की जरूरत है।

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बुधवार को स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, ब्लैक फंगस को लेकर तैयार सरकारी रिपोर्ट में 252 लोगों की मौत होने की पुष्टि की है। इससे पहले दिल्ली सरकार ने ब्लैक फंगस की वजह से 89 लोगों की मौत होने की जानकारी दी थी। रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में अब तक 1734 मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है। इनमें से 519 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं, जिनमें से करीब 300 से ज्यादा मरीजों को आंख या नाक की सर्जरी करानी पड़ी। 252 मरीजों ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। अभी भी दिल्ली के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में 928 मरीजों का उपचार चल रहा है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दिल्ली के अस्पतालों में भर्ती ब्लैक फंगस के 35 रोगियों ने उपचार लेने से इनकार कर दिया। इन लोगों ने चिकित्सीय सलाह मानने से भी इनकार कर दिया, जिसके चलते इन्हें लामा श्रेणी में रखा गया है। हालांकि, यह मरीज वर्तमान में उपचाराधीन हैं अथवा नहीं, इसकी जानकारी सरकारी रिपोर्ट में नहीं है।
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स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में अभी तक कोरोना संक्रमण की वजह से 1.74 फीसदी मरीजों की मौत हुई है, लेकिन ब्लैक फंगस के 14.53 फीसदी मरीजों की मौत हुई है। इससे पता चलता है कि कोरोना संक्रमित मरीज या रिकवर हो चुके लोगों में ब्लैक फंगस काफी जानलेवा है। इससे बचने के लिए संक्रमित मरीज और अन्य लोगों को सावधानी रखनी चाहिए। 

देश में पहले मरीज दिल्ली में मिले
कोरोना मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि पिछले साल सबसे पहले दिल्ली में हुई थी। सर गंगाराम अस्पताल ने नवंबर 2020 में ऐसे 10 मामले मिलने की जानकारी दी थी, जिनमें से पांच मरीजों की अस्पताल में भर्ती होने के कुछ घंटे बाद मौत हो गई थी। इसके बाद ब्लैक फंगस के कम मामले सामने आए, लेकिन दूसरी लहर का पीक गुजरने के बाद जून में अचानक से इन मामलों में तेजी देखने को मिली। 

शरीर में तेजी से फैलता है ब्लैक फंगस
दिल्ली एम्स के डॉ. विकास ने बताया कि ब्लैक फंगस के अलावा अन्य तरह के फंगस भी कोरोना संक्रमित और इससे ठीक हो चुके व्यक्तियों में मिल रहा है। यह फंगस शरीर में इतनी तेजी से फैलता है कि डॉक्टरों को मरीज की आंख तक निकालनी पड़ी। कई मरीज ऐसे भी मिले जिनकी आंत, पेट और अन्य हिस्सों में फंगस की पहचान हुई। दिल्ली में अभी तक ब्लैक के अलावा येलो, पिंक और रेड फंगस के मामले सामने आ चुके हैं। 

कोरोना से ज्यादा फंगस के मरीज भर्ती
स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली के अस्पतालों में अभी कोरोना संक्रमण से ज्यादा ब्लैक फंगस की चपेट में आए मरीज भर्ती हैं। अस्पतालों में 322 कोरोना मरीजों का उपचार चल रहा है, जबकि ब्लैक फंगस के 928 मरीज उपचाराधीन हैं।

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