उपराज्यपाल वीके सक्सेना लगातार तीसरे दिन भी सड़कों पर उतरे। उन्होंने दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में पहुंचकर निरीक्षण किया। दिल्ली को अपनी पहली विश्व स्तरीय नर्सरी प्रदान करने के उद्देश्य से एलजी ने अशोक विहार स्थित खोजा वाला पार्क की 25 एकड़ भूखंड पर नर्सरी के लिए डीडीए को एक सप्ताह के भीतर योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान उनके साथ एमसीडी और डीडीए समेत संबंधित विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी थे।
प्रस्तावित नर्सरी ना केवल दिल्ली की बागवानी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक सामान्य और व्यापक संसाधन के रूप में काम करेगी, बल्कि दिल्ली के नागरिकों और आगंतुकों के लिए पर्यावरण पर्यटन के लिए एक पसंदीदा गंतव्य भी बनेगी। इसके तहत गैर उपयोगी भूमि के क्षरण, भूमि के अतिक्रमण की जांच और एक हरित स्थान बनाने के लिए प्रयास किया जाएगा।
करीब 25 एकड़ में फैली बंजर भूमि के विकसित होने पर नर्सरी में सरकारी एजेंसियों के साथ-साथ नागरिकों द्वारा उपयोग के लिए उपलब्ध स्वदेशी, औषधीय, विदेशी, पारिस्थितिकी और स्थलाकृति के अनुरूप वनस्पतियों की विभिन्न किस्में होंगी। इसमें हरे-भरे हरियाली क्षेत्र, कैफेटेरिया, पैदल मार्ग, सार्वजनिक उपयोगिताओं और तरह-तरह के फूल भी होंगे, जो आगंतुकों के लिए एक मनोरंजक गंतव्य और पर्यटक आकर्षण के रूप में काम करेगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत डीडीए की जेलर वाला बाग इन-सीटू स्लम पुनर्वास परियोजना के ठीक बराबर में स्थित नर्सरी न केवल सबसे वंचित वर्गों को एक बेहतर पर्यावरण के अनुकूल पर्यावरण अनुभव प्रदान करेगी, बल्कि अशोक विहार, वजीरपुर, शालीमार बाग, आजादपुर और उत्तरी दिल्ली की अन्य आवासीय कॉलोनियों सहित आसपास के क्षेत्रों के लिए स्वास्थ्य और मनोरंजन स्थल की नई सुविधा भी प्रदान करेगी। वहीं, वजीरपुर औद्योगिक क्षेत्र के बीच में विकसित होने के कारण यह नर्सरी प्रदूषित का शिकार लोगों के लिए आवश्यक ऑक्सीजन युक्त फेफड़ों के रूप में काम करेगी।