अंतरजातीय व अंतर-धार्मिक वैवाहिक जोड़ों की सुरक्षा के लिए दिल्ली सरकार ने एसओपी जारी किया है। स्थानीय समुदाय, खाप व परिवार वालों से किसी तरह की धमकी मिलने या उत्पीड़न करने पर ऐसे जोड़ों की सुरक्षा दिल्ली सरकार करेगी। एसओपी में ऐसे मामलों को देखने के लिए पुलिस उपायुक्त की अध्यक्षता में विशेष प्रकोष्ठ बनाने का निर्देश दिया गया है।
दिल्ली सरकार अपने द्वारा बनाए गए सुरक्षित घर में उन दंपती को आवास मुहैया कराएगी जिनका रिश्तेदार, परिवार, स्थानीय समुदाय व खापों द्वारा विरोध किया जा रहा है। समाज कल्याण विभाग ने कहा कि दिल्ली महिला आयोग 181 महिला हेल्पलाइन नंबर पर मिलने वाली शिकायत की निगरानी करेगा।
अंतर-जातीय विवाहित जोड़ों को धमकी और उत्पीड़न की शिकायत मिलने पर सहायता प्रदान करने के लिए एक चौबीस घंटे की हेल्पलाइन काम करेगी। हेल्पलाइन नंबर को संभालने के लिए प्रशिक्षित टेलीकॉलर की तैनाती होगी जो संकट की स्थिति में सहायक साबित होंगे।
दिल्ली सरकार के समाज कल्याण विभाग द्वारा जारी एसओपी में यह भी कहा गया है कि संबंधित क्षेत्र के डीसीपी गठित होने वाली स्पेशल सेल के प्रमुख के रूप में काम करेंगे जो पूरे तथ्यों को जिलाधिकारी के संज्ञान में लाएंगे और सुरक्षित घर में रहने के लिए उनकी आवश्यकता से अवगत कराएंगे।
जारी एसओपी में यह भी साफ किया गया है कि प्रारंभिक जांच में खतरों की सत्यता का पता चलता है तो धमकी देने वालों के खिलाफ स्पेशल सेल एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देगा।
दिल्ली सरकार के समाज कल्याण विभाग के अनुसार सरकार ने उत्तरी दिल्ली स्थित किंग्सवे कैंप में एक आवासीय क्षेत्र में सेफ हाउस बनाया है, जिसमें तीन जोड़े रह सकते हैं। उल्लेखनीय है कि मार्च 2018 में अदालत ने हर जिले में स्पेशल प्रकोष्ठ बनाने का निर्देश दिया था।