राजधानी में संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे में यह अंदेशा भी जताया जा रहा है कि कुछ संक्रमित कोरोना के नए स्ट्रेन से भी पीड़ित हो सकते हैं। इसका पता लगाने के लिए अब अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों के सैंपल जीनोम जांच के लिए भेजे जाएंगे। दिल्ली सरकार के राजीव गांधी अस्पताल में इसकी शुरुआत की जाएगी।
राजीव गांधी अस्पताल के एक डॉक्टर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दिल्ली में कोरोना के दक्षिण अफ्रीकी स्ट्रेन का एक मरीज लोकनायक अस्पताल में भर्ती है। ऐसे में कुछ और संक्रमित लोगों में भी नया स्ट्रेन होने की संभावना है। इसको देखते हुए अस्पताल में भर्ती होने वाले वाले मरीजों के सैंपल लेकर जीनोम जांच के लिए दिल्ली के नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोंल (एनसीडीसी) भेजे जाएंगे।
जिस मरीज में भी स्ट्रेन की पुष्टि होगी उसे अलग वार्ड में भर्ती किया जाएगा। मरीज के संपर्क में आए हुए लोगों की कॉनटेक्ट ट्रेसिंग की जाएगी। अगर संपर्क में आया व्यक्ति संक्रमित मिलता है, तो उसे भी नए स्ट्रेन का संदिग्ध मानकर भर्ती किया जाएगा।
डॉक्टर के मुताबिक, महाराष्ट्र, केरल, पंजाब व मध्य प्रदेश में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। महाराष्ट्र में सबसे अधिक मामले आ रहे हैं। सतर्कता के लिए दूसरे राज्यों से दिल्ली आने वाले लोगों की एयरपोर्ट पर जांच की जा रही है, जो भी संक्रमित मिलता है। उसे अस्पताल में भर्ती किया जाता है। कई लोग ऐसे भी है, जो निजी वाहनो से सफर करते हैं।
ऐसे में उनकी जांच नहीं हो पाती है। हो सकता है कि बाहर से आया कोई व्यक्ति संक्रमित हुआ हो और उसमें नया स्ट्रेन हो। इसकी जांच करने के लिए ही यह कदम उठाया जाएगा। ऐसा करने से नए स्ट्रेन से पीड़ित मरीज की पहचान हो सकेगी और उसे समय रहते आईसोलेट किया जाएगा।