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नौकरी लगाने के नाम पर देश भर में युवाओं से ठगी

Sat, 17 Apr 2021 05:40 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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गिरफ्त में आरोपी... - फोटो : amar ujala
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संसद मार्ग थाने की वोट क्लब चौकी पुलिस ने नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मास्टरमाइंड समेत चार को पकड़ा है। आरोपी देश भर के बेरोजगार युवाओं को ठग रहे थे। ये श्रम एवं रोजगार मंत्रालय में नौकरी लगवाने का झांसा देते थे और सैंकड़ों युवकों से करोड़ों रुपये ठग चुके हैं। इनके एक बैंक खाते में 78 लाख रुपये के लेन-देन का पता लगा है। ये इंटरनेट के जरिए स्पूफिंग कॉल करते थे। इससे पीड़ित के नंबर पर श्रम मंत्रालय का लैंडलाइन नंबर शो होता था।

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नई दिल्ली जिला डीसीपी डा. ईश सिंघल के अनुसार तमिलनाडु की रहने वाली महिला नलिनी नाछी मुथू ने 27 मार्च, 2021 को संसद मार्ग थाने में शिकायत दी थी। महिला ने शिकायत में कहा था कि उसके पास मोबाइल से दीक्षित राज नामक व्यक्ति का फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि मंत्रालय से उसे मंत्रालय में भर्ती का जिम्मा दिया है। वह उसकी मंत्रालय में यूनिट प्रशासक की नौकरी लगवा सकता है। 

आरोपी ने साक्षात्कार, कागजात वेरीफिकेशन और पासपोर्ट बनवाने आदि का झांसा देकर कई बार में पीड़ित से 346626 रुपये ठग लिए। आरोपियों ने सारी पेमेंट ऑनलाइन ली थी। आरोपी ने पीड़ित को ली-मेरेडियन होटल की लॉबी में बुलाया था तो वहां कोई नहीं था। यहां पर काफी संख्या में पीड़ित थे। मामला दर्जकर संसद मार्ग थानाध्यक्ष अजय करण शर्मा की देखरेख में वोट क्लब चौकी प्रभारी एसआई राजकिरण, सिपाही दिनेश और राजेश की टीम ने जांच शुरू की। 
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ठगी की वारदातों में इस्तेमाल होने वाले एक मोबाइल नंबर की डिटेल खंगालने के बाद एसआई राजकिरण की टीम ने नांगलोई निवासी अर्जुन गिल को पकड़ लिया। आरोपी ने बताया कि वह मास्टरमाइंड राहुल श्रीवास्तव का ड्राइवर है। इसके बाद राहुल श्रीवास्तव को सेक्टर-23, गुरुग्राम से गिरफ्तार कर लिया। इसके पास से एक लैपटॉप बरामद किया गया। उसमें पीड़ितों की पूरी डिटेल है। इन दोनों को पुलिस रिमांड पर लिया और जावेद मनीष को गिरफ्तार कर लिया। 

श्रम मंत्रालय का नंबर शो होता था
ये इंटरनेट के जरिए वीओआईपी कॉल करते थे। इससे पीड़ित के मोबाइल पर श्रम मंत्रालय का लैंडलाइन नंबर शो होता था। इससे पीड़ित को विश्वास हो जाता था कि श्रम मंत्रालय से फोन आ रहा है। राहुल श्रीवास्तव इस गिरोह का मास्टरमाइंड है। ये रकम को पेटीएम वेंडर के जरिए लेते थे। इनके बैंक खाते में सितंबर, 2016 से अक्तूबर, 20 तक 78.38 लाख रुपये आया है। आईडीबीआई के जिस बैंक खाते में ये पैसा जाता था वह एजूकेशन प्लानेट के नाम से खुला हुआ था। 

पहले भी लोगों को ठग चुका है
12 में पढ़ाई छोड़ चुका आरोपी राहुल श्रीवास्तव छत्तीसगढ़ में गिरफ्तार हो चुका है। यहां उसने बैंक में नौकरी दिलाने के 44 लोगों के साथ ठगी थी। जावेद के खिलाफ भी उत्तम नगर में जानलेवा हमला करने का मामला दर्ज है। इनके पास से छह मोबाइल फोन, लैपटॉप और दो डायरी बरामद की हैं।  

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