सीलमपुर विधान सभा से जन संभावना पार्टी के विधायक उम्मीदवार रहे सुखदेव सिंह निकला रेलवे में फर्जी टीटीई भर्ती करने वाले गैंग का सरगना। रेलवे पुलिस ने सुखदेव और उसके एक साथी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार दो आरोपी में से एक के रिश्तेदार रेलवे अस्पताल में काम करते हैं जिसकी वजह से रेलवे कार्यालय में इनका काफी आना-जाना था। वह डीआरएम कार्यालय में बेरोजगारों को नौकरी का फॉर्म भरवाते थे और रेलवे अस्पताल में उनका मेडिकल करते थे। ताकि लोगों को उनपर शक न हो। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक बीएमडब्ल्यू और एक मर्सिडीज गाड़ी बरामद की है।
रेलवे पुलिस उपायुक्त हरेंद्र सिंह ने बताया कि 31 अगस्त को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन थाना पुलिस ने 11 फर्जी टीटीई को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से पकड़ा था। इनमें से 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था जबकि 6 अन्य संदिग्धों से पूछताछ कर उन्हें छोड़ दिया गया था। पकड़े गए पांच आरोपियों के पास से रेलवे के फर्जी पहचान पत्र और नियुक्ति पत्र मिली थी। गिरफ्तार अमनदीप और रिजवान को पुलिस ने रिमांड पर लेकर उनसे पूछताछ की। जिसमें पता चला कि होशियारपुर पंजाब का रहने वाला सुखदेव सिंग गैंग का सरगना है। वह अपने साथी संदीप की मदद से बेरोजगारों को रेलवे में फर्जी टीटीई बनाता है। इसके एवज में गैंग के सदस्य बेरोजगारों से लाखों रुपये वसूलते हैं।
एसीपी प्रवीण कुमार की देखरेख में निरीक्षक अजय कुमार तकनीकी जांच करते हुए गाजियाबाद के सम्राट होटल से सुखदेव को गिरफ्तार कर लिया। वहां से पुलिस ने ठगी की रकम से खरीदी गई मर्सिडीज कार बरामद कर ली। सुखदेव ने बताया कि वह संदीप के साथ मिलकर फर्जीवाड़ा करता है। जिसे पुलिस ने भीकाजी कामा प्लेस से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक बीएमडब्ल्यू कार बरामद कर ली। इनकी निशानदेही पर पुलिस ने 5 सितंबर को दो अन्य आरोपियों दीपक और राहुल को गिरफ्तार कर लिया।
डीआरएम कार्यालय परिसर में बेरोजगारों भरवाते थे फॉर्म
जांच में पता चला कि गिरफ्तार दीपक डीआरएम कार्यालय में पंप ऑपरेटर के तौर पर काम करता था। इसके चलते उसका डीआरएम कार्यालय के परिसर में कई जगहों पर आना-जाना था। इसका फायदा उठाकर वह फर्जी टीटीई भर्ती करवाने के दौरान बेरोजगारों को कार्यालय के भीतर ले जाता था और वहां उनसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाता था। ताकि उनलोगों को कोई शक न हो। गिरफ्तार राहुल के मामा चेम्सफोर्ड अस्पताल में एम्बुलेंस चालक है। इसके चलते राहुल का अस्पताल में काफी आना-जाना था। वह भर्ती कर रहे शख्स को रेलवे अस्पताल ले जाकर वहां खाली कमरे या शौचालय में उनका मेडिकल करवाता था। वह युवकों का खून का नमूना भी लेता था ताकि उन्हें लगे कि उनकी बाकई में नौकरी लगने वाली है।
सुखदेव ने लड़ा था विधानसभा चुनाव
गिरफ्तार सुखदेव ने पुलिस को बताया कि वह 2020 में दिल्ली चुनाव में जंसम्भावना पार्टी का उम्मीदवार था। उसने इस चुनाव में लगभग एक करोड़ रुपये खर्च किए। लेकिन चुनाव हारने पर उसके उपर काफी कर्ज हो गया। वह प्लेसमेंट एजेंसी चलाने वाले संदीप से मिला और दोनों टीटीई बनाने के नाम पर लोगों से ठगी करने लगा। सुखदेव पंजाब से युवाओं को रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाता था और उन्हें संदीप से मिलवाता था। संदीप उन्हें फर्जी पहचान पत्र और नियुक्ति पत्र देता था। 11 युवकों से 23 लाख रुपये लेने की पुष्टि हुई है।