Delhi News :फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) गारंटी कानून बनवाने के लिए किसानों का दिल्ली बॉर्डर स्थित पंजाब खोड़ गांव में आंदोलन दूसरे दिन भी जारी रहा। मौसम खराब होने के बावजूद भी किसान डटे रहे, वहीं विभिन्न किसान संगठन के नेताओं ने एमएसपी गारंटी कानून के लिए ग्रुप मंथन किया।
फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) गारंटी कानून बनवाने के लिए किसानों का दिल्ली बॉर्डर स्थित पंजाब खोड़ गांव में आंदोलन दूसरे दिन भी जारी रहा। मौसम खराब होने के बावजूद भी किसान डटे रहे, वहीं विभिन्न किसान संगठन के नेताओं ने एमएसपी गारंटी कानून के लिए ग्रुप मंथन किया। वह शनिवार को अपने आंदोलन की रणनीति का ऐलान करेंगे।
विज्ञापन
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के संयोजक वीएम सिंह ने कहा कि देश के गांवों तक एमएसपी कानून की लड़ाई को लेकर जाएगे और सरकार से कानून बनवाकर ही दम लेंगे। उन्होंने कहा कि फसल हमारी और भाव तुम्हारा अब नहीं चलेगा। इस दौरान सामूहिक संवाद का सत्र आयोजित किया गया, इसके बाद विभिन्न ग्रुप बनाकर एमएसपी गारंटी कानून पर चर्चा की गई। यहां किसानों का साथ देने के लिए देश के अलग-अलग राज्यों से किसानों का आना जारी रहा।
वहीं, खाप नेताओं ने भी फसलों के लिए एमएसपी गारंटी कानून को समर्थन देने के लिए अधिवेशन में भाग लिया। अधिवेशन में आए देशभर के 200 किसान संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि जब न्यूनतम मजदूरी तय हो सकती है, तो फिर फसलों के एमएसपी की गारंटी क्यों नहीं। एमएसपी गारंटी किसान मोर्चा का गठन 22 मार्च 2022 को हुआ था। इस मोर्च में देशभर के लगभग 200 किसान संगठन शामिल है।