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Delhi News : केजरीवाल बोले- फेसलेस सेवाएं, ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक मामले में दिल्ली पूरे देश को दिखा रही रास्ता

Fri, 03 Jun 2022 05:37 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

इस मौके पर उन्होंने कहा कि फेसलेस सेवाएं और स्वचालित टेस्ट ट्रैक के मामले में दिल्ली पूरे देश को रास्ता दिखा रही है। देश में फ़ेसलेस सुविधा शुरू करने वाला दिल्ली पहला और एकमात्र राज्य है।
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सीएम अरविंद केजरीवाल - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बृहस्पतिवार को सराय काले खां स्थित ऑटोमेटेड टेस्ट ट्रैक का जायजा लिया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि फेसलेस सेवाएं और स्वचालित टेस्ट ट्रैक के मामले में दिल्ली पूरे देश को रास्ता दिखा रही है। देश में फ़ेसलेस सुविधा शुरू करने वाला दिल्ली पहला और एकमात्र राज्य है। पहले यहां रोजाना 2000 से अधिक लोग पहुंचते थे, अब संख्या 100 से भी कम है। सभी काम घरों में बैठकर ही हो जाते हैं और रिश्वतख़ोरी पूरी तरह बंद हो गई है। पिछले करीब 10 महीने में करीब 16 लाख दिल्लीवासी परिवहन विभाग की फ़ेसलेस सेवाओं का लाभ उठा चुके हैं।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों में भ्रष्टाचार का बोलबाला था। हमारी ईमानदार सरकार है, इसलिए लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए एक-एक कर सहूलियतें बढ़ाई जा रही हैं। दिल्ली को देख अब दूसरे राज्यों में भी इसी तर्ज पर पहल की जा रही है। किसी भी राज्य के अच्छे काम से दूसरों को भी सीखना चाहिए, तभी देश तरक्की करेगा।

पिछले साल फरवरी में हुई थी शुरुआत  दिल्ली सरकार ने फरवरी में पायलट आधार पर परिवहन विभाग में फेसलेस सेवाएं शुरू की गई थी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अब दिल्लीवासियों को आरटीओ दफ्तर आने की जरूरत नहीं है। अगस्त में इसे लागू करने के बाद अब दफ्तरों से विभागीय काम के लिए छुट्टी लेने की जरूरत नहीं है। परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत के साथ यहां पहुंचने पर देखा कि आवेदकों की सुविधा के लिए कई काउंटर बने हुए हैं। 
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दूसरे राज्य भी पहल करें तो दिशा निर्देश देगी सरकार : मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सभी काम ऑनलाइन हो गए हैं। किसी दलाल या दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है और न ही लाइनों में खड़े रहने की जरूरत है। पूरे देश में पहली बार इस तरह की फ़ेसलेस सेवाएं शुरू की गई। अब दूसरे राज्य भी शुरू कर रहे हैं। दूसरे राज्य अगर इस दिशा में पहल करें तो उनका सहयोग करने में बेहद खुशी होगी।

16 लाख से अधिक लोग उठा चुके हैं लाभ : अगस्त से लेकर अभी तक इन 9-10 महीनों में लगभग 16 लाख दिल्ली वाले फेसलेस सर्विसेस का फायदा उठा चुके हैं। इससे लोगों को न तो अपने काम के लिए दफ्तरों से छुट्टी लेनी पड़ी और न ही चक्कर काटने की जरूरत महसूस हुई। फेसलेस सेवाएं शुरू होने से मैन आवर्स में कमी के साथ साथ लोगों की सहूलियतें भी बढ़ गई हैं। अब डीलर प्वाइंट पर ही लोगों को वाहनों का रजिस्ट्रेशन नंबर दे दिए जाते हैं।
प्रतीकात्मक रूप से बंद कर दिए गए आरटीओ दफ्तार : दिल्ली में फेसलेस सर्विसेज को पायलट आधार पर 19 फरवरी 2021 में शुरू किया गया था। इसे 11 अगस्त 2021 को लांच किया गया था।  

अब घरों पर मिलेगी आरसी : दिल्ली सरकार ने परिवहन विभाग में नए वाहनों के पंजीकरण को और आसान बना दिया है। अब वाहन मालिक अपने नए वाहन की खरीद के साथ ही उसी डीलरों से सीधे आरसी प्राप्त कर सकते हैं। यह सुविधा वर्तमान में ट्रायल चरण में है। अधिकारिक तौर पर यह सेवा जल्दी ही दिल्ली की जनता को समर्पित होगी।

बनेंगे आठ नए ट्रैक
दिल्ली में 12 ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बन चुके हैं। यह ट्रैक शकूर बस्ती, राजा गार्डन, मयूर विहार, रोहिणी सेक्टर-28,  लाडो सराय, हरि नगर, बुरारी, वीआईयू, लोनी रोड, द्वारका झरोदा , विश्वास नगर में बने हैं। 

कतार से मिली मुक्ति : गहलोत
परिवहन मंत्री कैलाश मंत्री ने ट्वीट कर कहा कि सीएम अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में फरवरी 2021 में परिवहन विभाग में फेसलेस सेवा शुरू कर दिल्लीवासियों को कतार से मुक्ति दिलाई थी। एक और ट्वीट में कहा ‘सीएम अरविंद केजरीवाल के मार्गदर्शन में हमने ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट के लिए दिल्ली भर में 12 ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक (एडीटीटी) बनाए हैं। आज सराय काले खां स्थित एडीटीटी का भी सीएम ने स्वयं निरीक्षण किया और वहां डीएल टेस्ट देने आए आवेदकों से बातचीत भी की।

नहीं मिल सकता है फर्जी लाइसेंस
मुख्यमंत्री ने कहा कि सराय काले खां दिल्ली का सबसे पहला ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक था। इसे 2018 में बनाया गया, जबकि इसके बाद और 12 ऑटोमेटेड टेस्ट ट्रैक बनाए जा चुके हैं। यहां पर सब कुछ ऑटोमेटिक है। पहले दलालों की मदद से बगैर ड्राइविंग टेस्ट दिए लाइसेंस बना दिए जाते थे। अब स्वचालित है और सभी काम कंप्यूटर और कैमरे की मदद से होते हैं। अब कोई आपको फर्जी लाइसेंस नहीं दिला सकता। कोई दलाल यह नहीं कह सकता कि आप हमें इतने पैसे दे दो और मैं आपको लाइसेंस दिला दूंगा। इस प्रणाली से ड्राइविंग टेस्ट देने में 50 फ़ीसदी लोग फेल हो जाते हैं। प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी होने से सड़कों पर सफर में सुरक्षा बढ़ेगी। 

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