इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) रेट्रो फिटमेंट सेवा को दिल्ली सरकार फेसलेस करने जा रही है। इसके बाद दिल्ली देश में इस सेवा को फेसलेस करने वाला पहले प्रदेश बन जाएगा। इस पहल से पुराने वाहन मालिकों को अपने वाहनों को इलेक्ट्रिक में बदलने का मौका मिलेगा। जून 2022 में दिल्ली सरकार पहले ही पेट्रोल और डीजल वाहन मालिकों को रेट्रोफिटमेंट के माध्यम से अपने वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने की अनुमति दे दी थी।
इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों की संख्या बढ़ेगी
दिल्ली में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए एक नई फेसलेस सेवा शुरू की जाएगी। इससे आप अपने डीजल वाहनों को एक अधिकृत डीलर से अपने घर पर इलेक्ट्रिक वाहन किट के साथ दोबारा इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे 10 साल से अधिक पुराने (डीजल) वाहनों को सड़कों पर चलाने का मौका मिलेगा। पहले राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के आदेश के तहत दिल्ली-एनसीआर में 10 साल से अधिक पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को प्रतिबंधित किया गया था।
क्या है रेट्रोफिटिंग
दोपहिया वाहनों या कार की रेट्रोफिटिंग से वाहनों को मियाद बढ़ जाती है। इसके जरिये पुराने वाहनों को नई तकनीक से लैस किया जाता है। इसके लिए इंजन की जगह लिथियम आयन बैटरी का इस्तेमाल किया जाता है। पावर विंडो, रिमोट सिस्टम सहित आधुनिक सुविधाओं से युक्त इलेक्ट्रिक वाहनों की शक्ल मिलने के बाद दोबारा इस्तेमाल के लायक बनाया जाता है। ई-वाहनों से उत्सर्जन नहीं होने के कारण इससे प्रदूषण का खतरा कम होगा और दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में वाहनों का कबाड़ भी इकट्ठा नहीं होगा। दिल्ली में 10 साल से अधिक पुराने डीजल और 15 साल से अधिक पुराना पेट्रोल वाहनों की संख्या 30 लाख से अधिक होने का अनुमान है। विशेषज्ञों के मुताबिक, वाहनों के रेट्रोफिटमेंट पर 40 फीसदी तक का खर्च होने का अनुमान है। हालांकि, बैटरी और रेट्रोफिटिंग किट की कीमत में कमी से इस पर कम खर्च होने का भी अनुमान है।