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Retrofitment Services : ई-वाहन रेट्रोफिटमेंट सेवाएं जल्द हो जाएंगी फेसलेस, दिल्ली बनेगी ईवी राजधानी

Fri, 05 Aug 2022 05:12 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

Delhi News : इसके बाद दिल्ली देश में इस सेवा को फेसलेस करने वाला पहले प्रदेश बन जाएगा। इस पहल से पुराने वाहन मालिकों को अपने वाहनों को इलेक्ट्रिक में बदलने का मौका मिलेगा।
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कैलाश गहलोत - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) रेट्रो फिटमेंट सेवा को दिल्ली सरकार फेसलेस करने जा रही है। इसके बाद दिल्ली देश में इस सेवा को फेसलेस करने वाला पहले प्रदेश बन जाएगा। इस पहल से पुराने वाहन मालिकों को अपने वाहनों को इलेक्ट्रिक में बदलने का मौका मिलेगा। जून 2022 में दिल्ली सरकार पहले ही पेट्रोल और डीजल वाहन मालिकों को रेट्रोफिटमेंट के माध्यम से अपने वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने की अनुमति दे दी थी। 

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ग्राहकों और एजेंसियों को इस सेवा के तहत एक प्लेटफार्म मुहैया करने के लिए पोर्टल की सुविधा शुरू कर चुकी है। डीजल वाहनों में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) किट के रेट्रोफिटमेंट के लिए इस सेवा को वाहन पोर्टल में ऑनलाइन किया गया है। परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि वाहनों के लिए ईवी रेट्रोफिटमेंट की सुविधा शुरू होने से दिल्ली को ईवी कैपिटल बनाने सहित इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में भी तेजी आएगी। 

21 लाख से अधिक लोग उठा चुके हैं लाभ 
पिछले साल 19 फरवरी को फेसलेस परिवहन सेवाएं ट्रायल के तौर पर शुरू की गई थी। 11 अगस्त 2021 को मुख्यमंत्री ने इसे लांच किया था। अब तक परिवहन विभाग की  47 सेवाओं को फेसलेस कर दिया गया है। पिछले साल फरवरी से अब तक 21 लाख से अधिक दिल्लीवासियों ने परिवहन विभाग की फेसलेस सेवाओं का लाभ उठाया है। 
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रेट्रोफिटमेंट की यह होगी प्रक्रिया 

  • अपनी डीजल कार में ईवी किट लगाने के लिए दिल्ली सरकार की ओर से अधिकृत रेट्रो फिटमेंट सेंटर (आरएफसी) पर जाएं।
  • आरएफसी डीजल कार में स्थापित ईवी किट की जानकारी वाहन पोर्टल पर अपलोड करेगा।
  • संबंधित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के अधिकारी द्वारा इसे सत्यापित किया जाएगा।
  • फिलहाल एक बार वाहन को निरीक्षण के लिए आरटीओ कार्यालय ले जाना जाना होगा।
  • सत्यापन के बाद अधिकारी संबंधित वाहन का ब्योरा वाहन पोर्टल फॉर अल्टरेशन (ईवी किट एंडोर्समेंट) में अपडेट करेंगे।
  • यह सेवा जल्द ही पूरी तरह फेसलेस कर दी जाएगी। इसके बाद वाहन मालिकों को आरटीओ कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। 
  • वाहन के परिवर्तन के लिए ऑनलाइन आवेदन भरने के बाद दस्तावेज अपलोड कर शुल्क का भुगतान करना होगा। आवेदन स्वीकृत होने के बाद आपके घर पर नया रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट भेज दिया जाएगा। 

इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों की संख्या बढ़ेगी
दिल्ली में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए एक नई फेसलेस सेवा शुरू की जाएगी। इससे आप अपने डीजल वाहनों को एक अधिकृत डीलर से अपने घर पर इलेक्ट्रिक वाहन किट के साथ दोबारा इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे 10 साल से अधिक पुराने (डीजल) वाहनों को सड़कों पर चलाने का मौका मिलेगा। पहले राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के आदेश के तहत दिल्ली-एनसीआर में 10 साल से अधिक पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को प्रतिबंधित किया गया था। 

क्या है रेट्रोफिटिंग
दोपहिया वाहनों या कार की रेट्रोफिटिंग से वाहनों को मियाद बढ़ जाती है। इसके जरिये पुराने वाहनों को नई तकनीक से लैस किया जाता है। इसके लिए इंजन की जगह लिथियम आयन बैटरी का इस्तेमाल किया जाता है। पावर विंडो, रिमोट सिस्टम सहित आधुनिक सुविधाओं से युक्त इलेक्ट्रिक वाहनों की शक्ल मिलने के बाद दोबारा इस्तेमाल के लायक बनाया जाता है। ई-वाहनों से उत्सर्जन नहीं होने के कारण इससे प्रदूषण का खतरा कम होगा और दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में वाहनों का कबाड़ भी इकट्ठा नहीं होगा। दिल्ली में 10 साल से अधिक पुराने डीजल और 15 साल से अधिक पुराना पेट्रोल वाहनों की संख्या 30 लाख से अधिक होने का अनुमान है। विशेषज्ञों के मुताबिक, वाहनों के रेट्रोफिटमेंट पर 40 फीसदी तक का खर्च होने का अनुमान है। हालांकि, बैटरी और रेट्रोफिटिंग किट की कीमत में कमी से इस पर कम खर्च होने का भी अनुमान है।

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