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हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा- क्या पुलिस के पास जादू की छड़ी है जो तुरंत जांच पूरी कर लेगी

Fri, 05 Feb 2021 04:35 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली     
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दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : एएनआई
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हाईकोर्ट ने गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर परेड में हुई हिंसा को लेकर याचिका दायर करने वाले शख्स को कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि क्या आपने घटना के तुरंत बाद याचिका तैयार करनी शुरू कर दी थी और क्या जांच के लिए पुलिस को समय नहीं चाहिए। क्या पुलिस के पास जादू की छड़ी है कि तुरंत जांच पूरी कर ले। अदालत ने याची पर जुर्माना लगाने की चेतावनी दी तो वकील ने याचिका वापस ले ली।

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मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ ने कहा कि पुलिस ने मामले में 43 प्राथमिकी दर्ज की हैं और आप को लगता है कि मात्र दो दिनों में ही जांच पूरी हो जाए। अदालत ने याची के अधिवक्ता से पूछा कि क्या आपको पता है कि दण्ड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) के तहत जांच करने के लिए कितना समय दिया गया है। 

अदालत ने कहा आप एक वकील हैं, आप को पता होना चाहिए कि जांच के लिए कितना समय दिया गया है। अदालत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि आप चाहते हैं कि घटना के दो दिन के भीतर ही जांच पूरी हो जाए, क्या सरकार के पास कोई जादू की छड़ी है, जिसे घुमाते ही सब कुछ हो जाएगा।
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अदालत ने याचिकाकर्ता एवं वकील विवेक नारायण शर्मा से पूछा कि क्या उन्होंने 26 जनवरी की घटना के तुरंत बाद याचिका तैयार करनी शुरू कर दी थी। घटना 26 जनवरी की है और याचिका 29 जनवरी को दायर कर दी गई। अदालत ने उनसे पूछा कि आप याचिका वापस ले रहे हैं या जुर्माना लगा कर याचिका खारिज कर दी जाए।

अदालत के कड़े रवैये को देखकर उत्तर प्रदेश के तीन निवासियों के अधिवक्ता ने याचिका वापस लेने की इजाजत देने का आग्रह किया। अदालत ने उसके आग्रह को स्वीकार कर याचिका वापस ली मानते हुए उसे खारिज कर दिया। 

इससे पूर्व सॉलीसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता ने अदालत को बताया था कि हिंसा के संबंध में 43 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। इनमें से 13 दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ (अपराध शाखा) को स्थानांतरित कर दी गई हैं। उन्होंने अदालत को बताया कि मामले में प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस की कथित संलिप्तता के बारे में जांच की जा रही है। जांच एजेंसी ने गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत भी मामला दर्ज किया है।

केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान दिल्ली की सीमाओं पर दो महीने से अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे हैं। 26 जनवरी के दिन किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा हो गई थी और लाल किले पर धार्मिक झंडा भी लगा दिया गया था।

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