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दिल्ली-एनसीआर पर कोहरे की घनी चादर, प्रदूषण भी बढ़ा, अभी राहत नहीं, हवा 'बहुत खराब'

Sun, 14 Feb 2021 07:39 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

  • हवा की गति कम होना और नमी बढ़ना बना है वजह, दो दिन और नहीं मिलेगी राहत
  • राजधानी में अधिकतम तापमान लगातार दूसरे दिन पांच साल में सर्वाधिक
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दिन भी छाई रही धुंध, एनएच- 8 पर ऐसा रहा हाल... - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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दिल्ली में गर्मी की दस्तक के बाद भी सुबह-शाम हल्की ठंड का आलम है। कुछ दिन दिन में धूप ठीक निकली मगर कल का दिन दबा रहा। दिल्ली की हवा लगातार खराब और 'बहुत खराब' की श्रेणी में बनी हुई है। फिलहाल राहत के आसार कम हैं।  

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मौसमी परिस्थितियों में बदलाव के कारण उत्तर भारत के कई राज्य कल कोहरे की चपेट में रहे। शनिवार को समूचे दिल्ली-एनसीआर पर घने कोहर की चादर छाई रही।  दिल्ली में सफदरजंग मानक केंद्र पर दृश्यता का स्तर 50 मीटर रहा, जबकि पालम में 250 मीटर दर्ज किया गया। इसका प्रमुख कारण हवा की गति कम होना और नमी बढ़ना बताया जा रहा है। यह समस्या दो दिन और रहेगी। उधर, 13 फरवरी को गर्मी ने लगातार दूसरे दिन पांच साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया।

स्काईमेट वेदर के प्रमुख मौसम विज्ञानी महेश पलावत के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में इस समय फॉग के साथ प्रदूषण भी बहुत खराब से गंभीर श्रेणी में है। हवा की गति कई दिन से शांत बनी हुई है। वहीं, हवा में नमी का अधिकतम स्तर 100 फीसदी तक दर्ज किया जा रहा है। रात में तापमान में कमी के कारण कोहरा छा रहा है।
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दूसरी ओर, दिल्ली में हवा की गुणवत्ता भी बहुत खराब श्रेणी में है। इस वजह से प्रदूषित तत्व फॉग के साथ मिल रहे हैं।  शनिवार को राजधानी का न्यूनतम तापमान सामान्य के बराबर 10.8 और अधिकतम सामान्य से 4 डिग्री अधिक 26.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिल्ली में इससे पहले 13 फरवरी 2016 में अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था।

लंबी दूरी की ट्रेनें घंटों देरी से चलीं
कोहरे की वजह से करीब तीन दर्जन ट्रेनें देरी से पहुंचीं। दृश्यता घटकर 50 मीटर तक रहने की वजह से विमान सेवाओं पर भी असर पड़ा। हालांकि दिल्ली एयरपोर्ट के रनवे पर लो विजिविलिटी प्रोसीजर की वजह से दिल्ली से संचालित होने वाले विमान पर ज्यादा असर नहीं दिखा। तीन दर्जन से अधिक ट्रेनें जहां आधे घंटे की देरी से संचालित हुई तो करीब एक दर्जन ट्रेन एक से दो घंटे देरी से चलीं। 

गाजियाबाद सबसे प्रदूषित शहर
हवा की शांत गति का वायु गुणवत्ता पर भी सीधे तौर पर असर पड़ रहा है। यही वजह है कि जहां दिल्ली की हवा बहुत खराब श्रेणी में बनी रही वहीं, एनसीआर में शामिल गाजियाबाद सबसे प्रदूषित शहर रहा। नोएडा की हवा भी बहुत खराब श्रेणी के उच्चतम स्तर में दर्ज हुई है। सीपीसीबी  के अनुसार राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 334 के साथ बहुत खराब श्रेणी में रहा। गाजियाबाद में एक्यूआई 401 दर्ज किया गया। नोएडा में 386, ग्रेनों में 363, फरीदाबाद में 362 और गुरुग्राम में 310 दर्ज किया गया। 

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