कोरोना महामारी के कारण दिल्ली में हाहाकार मचा है। कोरोना से इतनी ज्यादा मौतें हो रही हैं कि शवों को जलाने के लिए श्मशानों में लकड़ियां कम पड़ गई हैं। निगम द्वारा संचालित श्मशानों को भी चिता के लिए लकड़ियों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। जिसके लिए उत्तरी दिल्ली नगर निगम के मेयर जय प्रकाश ने बुधवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से अनुरोध किया कि वह वन विभाग को इन श्मशानों में लकड़ियों की सुगम आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दें।
कोरोना महामारी की दूसरी लहर में न केवल अस्पतालों जबकि श्मशानों में भी कतारें लगी हुई हैं। मरीजों की संख्यां इतनी ज्यादा है कि लोगों की ऑक्सीजन, दवाइयां और वेंटिलेटर नहीं मिलने के कारण अधिकतर मौत हो रही है। इस समय शवों की संख्या इतनी ज्यादा है कि श्मशानों को उनके अंतिम संस्कार के लिये अतिरिक्त चबूतरे बनाने पर पड़ रहे हैं। इसके बावजूद मृतकों के परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए 16 से 20 घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। राष्ट्रीय राजधानी में अप्रैल महीने में अबतक 4063 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है। इनमें से 2500 से अधिक लोगों की मौत इन सात दिन केभीतर हुई है। जबकि फरवरी में कुल 57 और मार्च में 117 लोगों की मौत कोरोना के कारण हुई थी।
मेयर जय प्रकाश ने अनुरोध करते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को चिट्ठी में लिखा है कि वन विभाग को बिना किसी रुकावट के निगम के श्मशानों में लकड़ी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए वह निर्देश दें। चिट्ठी में मेयर ने आगे लिखा है कि कृपाया वह वन विभाग को उचित निर्देश दें ताकि श्मशान निर्बाध तरीके से अपना काम जारी रख सकें और शोकाकुल परिवारों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो।