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दिल्ली पुलिस हुई सख्त : आयुक्त ने कहा- लॉकडाउन के उल्लंघन पर दर्ज किया जाए केस

Wed, 21 Apr 2021 05:13 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

  • दिल्ली पुलिस आयुक्त ने दिए सख्त निर्देश
  • पुलिस आयुक्त ने लॉकडाउन के पहले दिन की समीक्षा
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एसएन श्रीवास्तव, पुलिस कमिश्नर, दिल्ली - फोटो : ANI
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विस्तार
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दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने लॉक डाउन का सख्ती से पालन करवाने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई जरूरी कारण बिना घर से बाहर निकलता है तो उसके खिलाफ तुरंत मामला दर्ज किया जाए। दिल्ली पुलिस आयुक्त ने मंगलवार को अधिनस्थ पुलिस अधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक कर लॉक डाउन के पहले दिन की समीक्षा की और रेलवे स्टेशन व बस अड्डों पर बढ़ रही भीड़ को लेकर जमीनी हकीकत को जाना।

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पुलिस आयुक्त ने आवश्यक सेवाओं और वस्तुओं को सुगम बनाने की आवश्यकता पर जोर दते हुए निर्देश दिया है कि वाहनों और सड़कों पर लोगों के अनावश्यक आवागमन पर अंकुश लगाया जाए। उन्होंने पुलिसकर्मियों से कहा कि विनम्र लेकिन दृढ़ रहें। सड़कों पर पिकेट्स की सख्ती से जांच करने के अलावा, लोगों को कोविद कर्फ्यू का पालन करने के लिए कॉलोनियों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में घोषणा करें। घर से बाहर आने वाले किसी भी व्यक्ति को पुलिस कर्मियों द्वारा निश्चित रूप से जांच की जाएगी और पूछताछ की जाए। दवा की दुकानों, सब्जी की दुकानों आदि जैसी आवश्यक सेवाओं में सामाजिक दूरी का पालन करवाना सुनिश्चित करवाएं। लॉकडाउन का सख्ती से पालन करवाया जाए। 

पुलिस आयुक्त ने पुलिसकर्मियों को अपनी सुरक्षा का भी ध्यान रखने को कहा है। पिकेट में छोटे-छोटे ग्रुप में पुलिसकर्मी तैनात किए जाएं। उन्होंने कहा कि मुसीबत के इस समय में हर कोई पुलिस से सहायता मांग रहा है। लोग इस तरह की सहायता मांग रहे है जिनसे पुलिस का कोई मतलब नहीं है। ऐसे में भी लोगों की सहायता करनी है। दिल्ली पुलिस की कोविड हेल्पलाइन नंबर 011-24369900 पर हर रोज हजारों कॉल आ रही हैं। ऐसे में लोगों की हरसंभव सहायता की जाए।  

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पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर बनवाकर अस्पतालों में पहुंचवाई ऑक्सीजन  

दिल्ली पुलिस ने एक बार फिर इंसानियत की मिसाल कायम की है। सोमवार रात पश्चिम विहार स्थित बालाजी एक्शन अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी हो गई थी। ऑक्सीजन पहुंचाने वाले टैंकर बॉर्डर पर जाम में फंस गए थे। ऐसे में सूचना मिलते ही पश्चिम विहार थाना पुलिस बॉर्डर तक पहुंची और ग्रीन कॉरिडोर बनाकर ऑक्सीजन टैंकर को समय रहते अस्पताल पहुंचाकर 235 कोरोना संक्रमित मरीजों की जान बचा ली। अस्पताल प्रशासन ने दिल्ली पुलिस को इसके लिए आभार व्यक्त किया और पुलिस अधिकारियों के काम की जमकर तारीफ की है। 

सोमवार रात करीब साढ़े ग्यारह बजे पश्चिम विहार स्थित एक्शन बालाजी अस्पताल के लिक्विड गैस टैंक में ऑक्सीजन का लेबल कम हो गया। अस्पताल में भर्ती 235 मरीज ऑक्सीजन के सपोर्ट पर थे। ऑक्सीजन की कमी की वजह से अस्पताल के प्रशासन की बेचैनी बढने लगी। उन्हें पता चला कि नाइट कफ्र्यू की वजह से अस्पताल आ रहा ऑक्सीजन टैंकर फरीदाबाद और दूसरा नोएडा के परी चौक पर फंस गया है। एक टैंकर में 14 हजार लीटर और दूसरे में 5500 लीटर ऑक्सीजन थी। देरी की वजह से मरीजों की जान खतरे में पड़ गई। 

तब अस्पताल प्रशासन ने इस बात की जानकारी पश्चिम विहार थाने को दी। थाना प्रभारी वी के झा ने तुरंत घटना की जानकारी अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त सुधांशु धामा को दी। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त के निर्देश पर पुलिस की दो टीम गठित की गई और दोनों टीम टैंकर की तलाश में गंतव्य पर पहुंची। जहां से ग्रीन कॉरिडोर बनाकर दोनों टैंकरों को पुलिस ने एक्शन बालाजी अस्पताल पहुंचाया। इतना ही नहीं पुलिस ने देर रात अस्पतालों से बात की और ऑक्सीजन की कमी होने पर उनके लिए तुरंत 25 ऑक्सीजन सिलेंडर का इंतजाम किया। 

समय पर ऑक्सीजन टैंकर पहुंचने पर बालाजी एक्शन अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर सुनील सुंबिल ने दिल्ली पुलिस के अधिकारियों का आभार व्यक्त किया है। खासकर जिला के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त सुधांशु धामा और थाना प्रभारी वी के झा का जिन्होंने समय रहते निर्णय लेकर मरीजों की जान बचा ली। 
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