पर्यटन, कला, संस्कृति व भाषा के विकास के लिये दिल्ली सरकार तत्पर नजर आ रही है। मनीष सिसोदिया ने अपने बजट भाषण में इसके विकास के लिये 551 करोड़ रुपये के बजट की प्रस्तावना की है। पिछले साल सरकार ने इस क्षेत्र के विकास के लिये कई योजनाएं लागू की थीं।
दिल्ली में देश की अलग-अलग भाषाओं की अकादमियां खोली गई थीं। इसी कड़ी में अगले साल दिल्ली सरकार फेस्टिवल ऑफ इंडिया और इंडियन क्लासिकल म्यूजिक फेस्टिवल शुरू करने जा रही है। जबकि पर्यटन को बढ़ाना देने के लिये सरकार दिल्ली हेरिटेज प्रमोशन और दिल्ली टूरिज्म सर्किट नाम से दो नई योजनाएं भी लेकर आ रही है।
मनीष सिसोदिया ने कहा हमारी कला, भाषा, साहित्य और संस्कृति जीवन जीने का जरिया नहीं बल्कि जीवन के आनंद का उद्देश्य हैं। हमारे तीज, त्योहार व आम उत्सव सब कला और संस्कृति से सराबोर होते हैं। बिना गीत संगीत, साज-बाज के हम अपने त्योहारों की कल्पना भी नहीं कर सकते। ऐसे में दिल्ली के अंदर दिल्ली पर्यटन व परिवहन विकास निगम (डीटीडीसी) के केंद्र दिल्लीवासियों के लिये उत्सव मनाने के सबसे शानदार स्थान बन चुके हैं।आज दिल्ली के सभी दिल्ली हाटों के अंदर प्रत्येक छोटे-बड़े त्योहार पर उत्सव का आयोजन होता है। ऐसे में सरकार का जोर इन केंद्रों के और अधिक विकास पर है।
महलाओं की सुरक्षा पर अलग से 5 करोड़ खर्च करेगी सरकार
डीटीडीसी के कला प्रदर्शनी केंद्रों पर महिलाओं की सुरक्षा के लिये सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। मनीष सिसोदिया ने महिला सुरक्षा के लिये यहां पर सीसीटीवी कैमरा लगाने, मोबाइल वैन तैनात करने व महिला गार्ड्स की तैनाती के लिये अलग से 5 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया है।
शिल्प हाट बनाने की योजना पर काम कर रही सरकार
मनीष सिसोदिया ने बताया कि दिल्ली सरकार शिल्पकारों की सहायता करने के लिये भी योजना बना रही है। जल्द ही दिल्ली में शिल्प हाट बनाने की योजना है। इससे शिल्पकारों को सालभर अपने हाथों से बनाए सामानों को प्रदर्शित करने वा बेचने के लिये बाजार उपलब्ध होगा, इससे उन्हें सहूलियत मिलेगी।