मयूर विहार फेज-तीन के सेंट्रल पार्क के आसपास रहने वाले लोग कौवों के मरने के बाद भयभीत हैं। उन्होंने अब पार्क में जाना बंद कर दिया है। इस पार्क में बड़ी संख्या में कौवे हैं। इस कारण इसे कौवों वाला पार्क कहा जाता है। लोगों का कहना है कि कई दिन से कौवों के मरने की सूचना स्थानीय प्रशासन को दी जा रही थी, लेकिन जांच के लिए टीम शुक्रवार को ही पहुंची। कौवे मरने के कारण पार्क एक हफ्ते से बंद है।
स्थानीय निवासी मयंक श्रीवास्तव के अनुसार, पार्क के कर्मचारियों से भी कौवे मरने की शिकायत की गई थी। अब तक मरे करीब 200 कौवों को पार्क में ही एक किनारे पर दबा दिया गया है। पार्क के माली मनीष कुमार ने बताया कि कौवे मरने की जानकारी निगम प्रशासन को दी गई है। स्थानीय पार्षद जुगनू चौधरी ने बताया कि उन्हें एक दिन पहले गुरुवार रात कौवों के मरने की सूचना मिली थी।
पार्क के आसपास रहने वाले लोगों में बर्ड फ्लू का भय बैठ गया है। स्थानीय निवासी राहुल चौधरी के मुताबिक, वह पहले रोज पार्क में घूमने पहुंचते थे, लेकिन कौवे मरने के बाद मन में डर है। इसीलिए वे तीन-चार दिन से पार्क में नहीं गए हैं। पार्क के बाहर पटरी किनारे दुकान लगाने वालों में भी भय है। स्थानीय दुकानदार प्रवीण के मुताबिक, वह काफी समय से पार्क के बाहर ठेला लगा रहे हैं, लेकिन कौवे मरने के बाद से बर्ड फ्लू का खतरा लग रहा है।
गाजीपुर मंडी में निगरानी के लिए बनाई कमेटी
बर्ड फ्लू के मद्देनजर गाजीपुर मंडी में एहतियातन पांच सदस्यीय निगरानी कमेटी गठन किया गया है। इसमें पॉल्ट्री मार्केट एसोसिएशन के पांच लोग हैं। मार्केट एसोसिएशन के महासचिव मोहम्मद सलीम ने कहा कि यह कमेटी अपने स्तर पर बनाई गई है। इसके सदस्य घूमकर कड़ी निगरानी रखेंगे और जिस पक्षी में बीमार होने के लक्षण पाए जाएंगे, डॉक्टर बुलाकर उसकी जांच कराई जाएगी। शुक्रवार को भी 20 पक्षियों की सैंपलिंग की गई है।
दिल्ली चिड़ियाघर में अलर्ट
बर्ड फ्लू के खतरे के मद्देनजर दिल्ली चिड़ियाघर में भी अलर्ट है। पक्षियों के तालाब के आसपास विशेषकर कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव किया जा रहा है। एक अधिकारी के अनुसार, चिड़ियाघर में अब तक किसी पक्षी में बर्ड फ्लू के लक्षण नहीं मिले हैं। विशेषकर प्रवासी पक्षियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। डॉक्टरों की टीम भी चिड़ियाघर में तैनात है। किसी भी पक्षी में हल्की से भी लक्षण मिले तो डॉक्टरों की टीम बचाव में जुट जाएगी।
गाहकों के सतर्कता बरतने से मीट बाजार ठंडा
राजधानी में बर्ड फ्लू के खतरे के मद्देनजर लोगों ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। इससे मीट, मुर्गे और अंडे की बिक्री में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। दिल्ली मीट मर्चेंट एसोसिएशन के महासचिव इरशाद कुरैशी ने कहा कि बर्ड ग्राहकों में मांस खरीदने के प्रति डर है। उन्होंने बताया कि 200 रुपये प्रतिकिलो वाला चिकन अब 150 में मिल रहा है। इससे पोल्ट्री मार्केट को नुकसान हो रहा है। कुरैशी ने बताया कि ग्राहकों को आश्वस्त करने के लिए एसोसिएशन ने करीब छह हजार लाइसेंस दुकानदारों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनके तहत दुकानों को साफ रखने समेत अन्य प्रावधान लागू करने जरूरी है। निर्माण विहार स्थित दुकानदार राहुल कश्यप ने कहा कि बर्ड फ्लू की वजह से लोगों के चिकन से दूरी बनाने के कारण व्यापार में करीब 90 फ़ीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।