फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आंदोलन बचाने के लिए रोजाना 30 किमी पदयात्रा, किसानों से फिर एकजुट होने की अपील

Sat, 30 Jan 2021 05:26 AM IST
दुष्यंत शर्मा आदित्य पाण्डेय, नई दिल्ली

सार

  • 76 वर्षीय जिले सिंह आसपास के इलाकों में कर रहे हैं अपील
  • कहा, नए कृषि कानून वापस होने के बाद ही जाएंगे घर
विज्ञापन
पदयात्रा करते जिले सिंह... - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

किसान आंदोलन को पुराने स्वरूप में वापस लाने की कवायद शुरू हो चुकी है। इस बीच हरियाणा के हिसार जिले के लाडवा गांव निवासी 76 वर्षीय किसान जिले सिंह पूनिया रोजाना 30 किलोमीटर लंबी पदयात्रा कर किसानों को फिर से एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं। वह बीते दो दिनों से रोजाना टीकरी बॉर्डर से पदयात्रा शुरू करते हैं और 5 घंटे तक आसपास के क्षेत्रों में घूमने के बाद शाम को बॉर्डर पर ही पदयात्रा समाप्त करते हैं।

विज्ञापन


कड़ाके की ठंड में भी जिले सिंह ने पदयात्रा के दौरान कपड़े और जूते-चप्पल नहीं पहनने का निर्णय लिया है। वह केवल एक धोती धारण करते हैं और हाथ में लाठी रखते हैं। उनका यह रूप हूबहू गांधीजी सरीखा है। लगभग दर्जन भर अन्य लोग भी उनके साथ पदयात्रा में शामिल होते हैं। 

जिले सिंह ने कहा कि उन्हें यकीन है शनिवार से फिर टीकरी बॉर्डर पर पहले जितनी भीड़ इकट्ठी हो जाएगी। बृहस्पतिवार को उन्होंने टीकरी बॉर्डर से बाईपास होते हुए आसपास के गांवों में लोगों को टीकरी बॉर्डर पर पहुंचने की अपील की। शुक्रवार को बहादुरगढ़ व आसपास के गांवों में जाकर आंदोलन का समर्थन करने की अपील की गई।
विज्ञापन


पदयात्रा में शामिल सुशीला देवी लाडवा ने कहा कि जब तक तीनों कृषि कानून रद्द नहीं हो जाते तब तक लोग यहां से वापस नहीं जाएंगे। फतेहाबाद के दीवान सिंह ने कहा कि वे जान दे देंगे, मांग पूरी हुए बगैर घर नहीं जाएंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें