पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने पिता की संपत्ति को गिरवी रखकर फाइनेंस कंपनी चोलामंडलम से 2.47 करोड़ रुपये का लोन लेकर फर्जीवाड़ा करने वाले दंपती को लुधियाना से गिरफ्तार किया है। आरोपी नोएडा सेक्टर-31 निवासी अनुज जयपुरिया (40) ने माता-पिता के फर्जी हस्ताक्षर किए थे।
ईओडब्ल्यू के संयुक्त आयुक्त डॉ. ओपी मिश्रा ने बताया कि राजेंद्र जयपुरिया ने वर्ष 2018 में दी शिकायत में कहा था कि उन्होंने वर्ष 2011 में सेक्टर-31 नोएडा में एक संपत्ति खरीदी। इसकी पहली मंजिल उन्होंने अपने छोटे बेटे अनुज, उसकी पत्नी सुनीता (36) (बदला नाम) और दो बच्चों को रहने के लिए दी।
वर्ष 2018 में चोलामंडलम फाइनेंस कंपनी के कुछ अधिकारी उनके पास पहुंचे और कहा कि इस मकान को गिरवी रखकर 2.47 करोड़ का लोन लिया गया है, जिसकी किस्त नहीं दी जा रही हैं। आवेदक में उनका, सह आवेदकों में उनकी पत्नी जयश्री जयपुरिया, अनुज जयपुरिया और उसकी पत्नी के नाम हैं।
कागजात से पता चला कि आवेदन में उनके कमला नगर स्थित पुराने घर के पते का इस्तेमाल किया गया है, जिसे वह वर्ष 2011 में बेच चुके हैं। शिकायत पर ईओडब्ल्यू ने रिपोर्ट दर्ज की। चोलामंडलम के मुताबिक लोन राजेंद्र ने लिया था, जबकि वे साफ इनकार कर रहे थे।
उन्होंने बेटे-बहू पर फर्जी हस्ताक्षर करने का आरोप लगाया। दंपती फरार हो गए। अदालत ने 30 जनवरी को उन्हें भगोड़ा करार दिया। ईओडब्ल्यू ने लुकआउट नोटिस जारी कर दिया। 6 जनवरी को दंपती के लुधियाना के दुगरी में होने की सूचना मिली तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।