उच्च न्यायालय ने स्कूलों से दिल्ली परिवहन निगम बस सेवाओं को वापस लेने के सरकार के फैसले पर पुनर्विचार की मांग संबंधी याचिका खारिज कर दी। न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने कहा कि सरकार के निर्णय में हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं है। याचिका में कहा गया है कि दिल्ली सरकार के स्कूलों से डीटीसी बसों को वापस लेने के फैसले का न केवल माता-पिता और छात्रों पर बल्कि हर दिल्लीवासी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। क्योंकि यह निर्णय स्वच्छ वातावरण के अधिकार को प्रभावित करता है। याचिकाकर्ता बाबा अलेक्जेंडर ने कहा कि माता-पिता होने के नाते वह उन सभी अभिभावकों के लिए बहुत चिंतित हैं, जिनके बच्चे स्कूलों में पढ़ रहे हैं और डीटीसी के स्कूलों के लिए अपनी बस सेवाओं को वापस लेने के फैसले से प्रभावित हैं।
उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कोरोना के लिए कोरोनिल के उपयोग पर दायर मुकदमे में पतंजलि के जवाब पर असंतुष्टि जताई है। अदालत ने उचित और स्वीकार्य स्पष्टीकरण देने के लिए समय दिया है। याची ने कोरोना के इलाज के लिए एलोपैथी दवा के संबंध में गलत सूचना फैलाने और पतंजलि उत्पाद के इलाज के निराधार दावे करने का आरोप लगाया है। न्यायमूर्ति अनूप जयराम भंभानी ने कहा कि वह पतंजिल द्वारा दिए गए वर्तमान स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं है। यह जवाब मात्र अपनी पीठ थपथपाने जैसा प्रतीत होता है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई 17 अगस्त तय की है। ब्यूरो