शुरू में पुलिस स्वभाविक मौत की कार्रवाई कर रही थी। पुलिस को 29 अप्रैल को जब पोस्टमार्टम मिली तो पता लगा कि पीड़ित के चेहरे, कंधे, छाती, पेट, पीठ, लांघ समेत शरीर पर अन्य जगहों पर चोट के निशान थे। हत्या का मामला दर्जकर इंस्पेक्टर सुशील कुमार तिवारी व एसआई धर्मेन्द्र की टीम ने जांच शुरू की।
सीसीटीवी फुटेज में घटना कैद
पुलिस ने घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज से पता लगा कि पीड़ित हनुमान मंदिर के पास स्थित पार्क से लंगड़ाता हुआ निकल रहा था। उसके पीछे आरोपी शाहिद डंडा लेकर आ रहा था। पीड़ित हनुमान मंदिर के पास गिर गया। आरोपियों ने फिर उसके ऊपर डंडे से वार किए। मंदिर के सुरक्षा गार्ड आदि ने उसे रोका। पुलिस को जांच के दौरान एक व्यक्ति ऐसा मिल गया जो शाहिद को जानता था।
सर्विलांस से मिला आरोपी का पता
पुलिस को मोबाइल सर्विलांस से पता लगाया कि आरोपी नोएडा में है। पुलिस ने आरोपी शाहिद को नोएडा से 30 अप्रैल को गिरफ्तार कर लिया। उसे एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया था। रविवार को उसे कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। आरोपी शाहिद ने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
उसने बताया कि वह पार्क में सो गया था। जब जगा तो उसका मोबाइल व एयरफोन नहीं था। उसे लगा कि मृतक ने उसका मोबाइल चुराया है। इस पर उसको गुस्सा आ गया और उसने डंडे से पीड़ित को पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। आरोपी शाहिद के खिलाफ पहले से एक चोरी का मामला दर्ज है।