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अपहरण, दरिंदगी और कत्ल: क्रूरता के पौने घंटे बाद ही इस एप से ली थी बुकिंग, महरौली कांड ने खोली सेफ सफर की पोल

Thu, 25 Jun 2026 03:02 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

नई दिल्ली के महरौली कांड ने ऐप पर सुरक्षित सफर के दावे की पोल खोल दी। आरोपी तीन राइड शेयरिंग कंपनियों की बुकिंग ले रहा था। किसी भी कंपनी ने चालक की पड़ताल करने की जहमत नहीं उठाई। दिल्ली पुलिस जल्द ही राइड शेयरिंग कंपनियों को नोटिस भेजेगी।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नई दिल्ली के महरौली कांड ने ऑनलाइन कैब सुरक्षा के दावों की परतें उधेड़ दी हैं। मासूम बच्ची से दरिंदगी और हत्या करने वाले आरोपी वासू सिंह उर्फ बब्लू का पुलिस वैरिफिकेशन तक नहीं हुआ था। पुलिस जांच में पता चला कि उसके नाम पर बिहार में पांच आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। 
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इसके बावजूद वह बेखौफ सड़कों पर कैब दौड़ा रहा था। यह सिर्फ एक चूक नहीं, बल्कि ऐसी गंभीर लापरवाही है जिसने दिल्ली-एनसीआर में कैब से सफर करने वाली महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 

ड्राइवर की जब पहचान और आपराधिक पृष्ठभूमि की पुष्टि ही नहीं हुई तो यात्रियों की सुरक्षा आखिर किस भरोसे छोड़ी गई। हालांकि अब दिल्ली पुलिस जल्द ही तीनों राइड शेयरिंग कंपनियां ओला, उबर और रैपिडो को नोटिस भेजने वाली है और उनसे पूछा जाएगा कि आखिर आरोपी का पुलिस वेरीफिकेशन क्यों नहीं कराया था।

 

दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी के खिलाफ जो पांच आपराधिक केस हैं वह सभी बिहार के हैं। आरोपी गांजे का नशा भी करता है। दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार अभी जांच शुरुआती स्टेज में है। 
 

दक्षिण जिले के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी बच्ची के शव को जंगल में छिपाकर सीधे गुरुग्राम के चक्करपुर स्थित अपने कमरे में गया। यहां उसने सबसे पहले कैब की छत पर लगे केरियर (सामान रखने वाला स्टेंड) को उतारा और उसे कमरे में छिपा दिया था। उसे लगा कि केरियर से कैब की पहचान हो जाएगी। इसके बाद वह नहाया और कपड़े चेंज किए। इसके अलावा उसने कैब को साफ भी किया था।

 

रेपिडो की ली थी बुकिंग
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी ने चक्करपुर, गुरुग्राम से जो दिल्ली की बुकिंग ली थी वह रेपिडो कंपनी की थी। इसी कंपनी के डिटेल से पुलिस को काफी सहयोग मिला था। सवार ये खड़ा होता है कि क्या तीनों ही कंपनियों को इसके पुलिस वेरीफिकेशन का पता नहीं था या आरोपी ने कंपनियों के साथ किसी तरह का हेरफेर किया है।
 

यह था पूरा मामला
दक्षिणी दिल्ली के महरौली थाना क्षेत्र में 11 वर्षीय बच्ची के अपहरण के बाद दुष्कर्म और हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। फुटपाथ पर परिवार के साथ सो रही बच्ची को एक कैब चालक उठा ले गया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने शव फरीदाबाद गुरुग्राम रोड स्थित जंगल में फेंका और भाग गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी कैब चालक बिहार निवासी वासु उर्फ बबलू (25) को गिरफ्तार कर लिया है।

 

दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शव बरामद करने के लिए आरोपी को गुरुग्राम ले जाया गया था। वहां पर आरोपी ने पुलिसकर्मी की पिस्तौल छीन कर भागने की कोशिश की। इस पर पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की जिसमें आरोपी बबलू के पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। आरोपी को अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती करवाया गया।

सुबह करीब पांच बजे बच्ची का अपहरण किया
महरौली में फुटपाथ पर रहने वाले परिवार को सोमवार सुबह बच्ची नजर नहीं आई तो सभी ने उसकी तलाश शुरू की। कुछ पता नहीं चलने और अपहरण का शक होने पर पुलिस को सूचित किया गया। महरौली थानाध्यक्ष रितेश कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज से पता लगा कि कैब चालक ने मंगलवार सुबह करीब पांच बजे उस समय बच्ची का अपहरण किया जब वह परिजनों के साथ सो रही थी। 

 

सोती हुई बच्ची को उठाया
फुटेज में नजर आया सोती हुई बच्ची को उसने कार की पिछली सीट पर रखा और वाहन समेत भाग गया। इधर, परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर बच्ची की तलाश शुरू की। सीसीटीवी के फुटेज से कैब का नंबर और चालक का पता चलने पर पुलिस की कई टीमें आरोपी की तलाश में जुट गईं। 


 

एक पुलिस सूत्र ने बताया कि अपराध करने के बाद आरोपी उसी जगह लौट रहा था लेकिन आसपास पुलिस की मौजूदगी देख भाग गया। पुलिस टीम ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखी और अपराध के छह घंटे के अंदर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ में पता चला कि उसने दुष्कर्म के बाद बच्ची की हत्या कर दी और शव जंगल में फेंक दिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने बच्ची का शव भी बरामद कर लिया है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपी ने अकेले यह अपराध किया और क्या उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड है। उधर, गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि सोमवार शाम लगभग 6 बजे शव गुरुग्राम से बरामद कर पुलिस टीम लौट गई।
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राइड शेयरिंग कंपनियों की ओर से पुलिस वेरीफिकेशन कराया था या नहीं इसको लेकर जांच की जा रही है। अभी तक की जांच में ये आया है कि शायद इसने पुलिस वेरीफिकेश नहीं करा रखा था। -अनंत मित्तल, पुलिस उपायुक्त दक्षिण जिला, दिल्ली पुलिस
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