पिंक लाइन के शेष हिस्से पर निर्माण पूरा होने के बाद मेट्रो सेवाएं शुरू होने से त्रिलोकपुरी, संजय लेक, खिचड़ीपुर सहित आसपास के लोगों को राहत मिलेगी। दिल्ली के किसी भी कोने तक कम वक्त और खर्च में मेट्रो से सफर का यात्रियों को शुक्रवार से मौका मिलेगा।
खास बात यह है कि पिछले आठ साल से मेट्रो की सुविधा न होने से रोजाना हजारों लोगों को दूसरे परिवहन विकल्पों पर तीन-गुना खर्च करना पड़ रहा था। इससे रुपयों के साथ साथ समय की भी बचत होगी। फिलहाल गंतव्य तक पहुंचने के लिए क्षेत्रवासियों को मेट्रो लाइनें बदलना पड़ता है।
मेट्रो की सीधी सेवा होने से यात्रियों को फरीदाबाद या दक्षिणी दिल्ली के किसी भी हिस्से में जाना आसान हो जाएगा। मेट्रो के 286 मीटर में निर्माण कार्य पूरा होने का आठ वर्षों से स्थानीय लोगों को इंतजार था। इस दायरे में 108 मकानों की वजह से रुकावट थी, जिसे दूर करने के बाद कोरोना काल में निर्माण पूरा कर लिया गया।
छह अगस्त से त्रिलोकपुरी (संजय झील) और मयूर विहार-पॉकेट-1 के बीच मेट्रो सेवा की शुरुआत से हजारों लोगों के लिए रोजाना सुबह शाम अपने जरूरी काम से आवागमन आसान हो जाएगा। पिंक लाइन के दोनों छोर जुड़ने से लोगों की मुश्किलें काफी कम होने की उम्मीद है। इससे सड़कों पर वाहन कम होंगे तो पेट्रोल के मद में होने वाला खर्च भी कम होगा।
लोगों ने कहा...
पिछले करीब आठ वर्षों से लोगों को मेट्रो सेवाएं शुरू होने का इंतजार है। इसके शुरू होने से फरीदाबाद समेत दक्षिण दिल्ली का सफर बेहद आसान हो जाएगा। अभी तक मंडी हाउस से लाइन बदलकर लोगों को आना जाना पड़ता था।। मेट्रो सेवाएं शुरू होने से यात्रियों के लिए वाहनों का इस्तेमाल भी कम होगा।
-आजाद नागर, खिचड़ीपुर
मेट्रो सुविधा न होने से यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए काफी वक्त लगता था। दोनों स्टेशनों के बीच मेट्रो सेवा शुरू होने से दिल्ली के कई हिस्सों के लिए आसान पहुंच होगी। निर्माण के दौरान 108 मकान हटाए गए और दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन(डीएमआरसी) की तरफ से रिहायश की सुविधा भी दी गई। हालांकि अभी भी मेट्रो स्टेशन तक पहुंचने के लिए सड़क ठीक न होने की वजह से परेशानी होंगी। इसे पूरा होने के बाद जल्द ही लोगों को कम वक्त में अधिक दूर तक पहुंचना संभव होगा। इससे विद्यार्थियों को शिक्षण संस्थानों तक पहुंचने में सहूलियत होंगी तो नौकरीपेशा लोगों को भी दफ्तर पहुंचने में देरी नहीं होगी।
-जफर इकबाल, त्रिलोकपुरी
मेट्रो सेवाएं शुरू होने से आनंद विहार तक पहुंचने के लिए लोगों को दो तीन बार ऑटो, ई रिक्शा और बस से जाना पड़ता था। इसपर करीब 100 रुपये खर्च आते थे। इसी तरह सराय काले खां तक जाने के लिए भी करीब 120 रुपये खर्च हो रहा था। मेट्रो सेवाएं शुरू होने से खर्च के साथ साथ समय की भी बचत होगी।
-अकरम