फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कंसलटेंसी की कमाई से दौड़ रही है दिल्ली मेट्रो, बिगड़ सकते हैं हालात

Thu, 01 Jul 2021 05:46 AM IST
दुष्यंत शर्मा सर्वेश कुमार, नई दिल्ली

सार

  • कोरोना काल में डीएमआरसी को 2000 करोड़ से अधिक का हो चुका है घाटा
विज्ञापन
delhi metro - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोरोना की तीसरी लहर आई तो मेट्रो के पहिये फिर थम सकते हैं। पहली और दूसरी लहर में दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) की सेवाएं छह महीने से अधिक समय तक बंद रहीं। पाबंदियों के साथ दिल्ली की लाइफलाइन पटरी पर तो लौटी, मगर वित्तीय सेहत बिगड़ गई। सवा साल में मेट्रो को 2000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो गया। अब हालत यह है कि मेट्रो सेवा दूसरे शहरों की मेट्रो परियोजनाओं की परामर्श (कंसलटेंसी) सेवाओं से होने वाली आय से चल रही है।

विज्ञापन


कोरोना काल में यात्रियों को संक्रमण से बचाने के लिए 50 फीसदी लोगों को ही सफर की इजाजत है। इस कारण एक-एक सीट छोड़कर बैठने का नियम लागू किया गया है। खड़े होकर यात्रा की भी अनुमति नहीं है। इस कारण मेट्रो में यात्रियों की संख्या घटकर 10 फीसदी रह गई है। महामारी के दौरान भी मेट्रो सेवाएं जारी रखने के लिए डीएमआरसी को जयपुर, मुंबई, कोच्चि सहित देश के अन्य शहरों की मेट्रो परियोजनाओं की कंसलटेंसी से हुई आय को खर्च करना पड़ा। 

बकाया मिलने में देरी हुई तो बढ़ सकती हैं मुश्किलें : डॉ. मंगू सिंह
डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक डॉ. मंगू सिंह ने माना कि वित्तीय मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। पहले की जमा राशि से फिलहाल मेट्रो का परिचालन किया गया है। बकाया भुगतान के लिए केंद्र के साथ हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली सरकार से आग्रह किया गया है। इन राज्यों में मेट्रो नेटवर्क है। इस मद में भुगतान मिलने से मेट्रो की रफ्तार तेज हो सकती है। इसमें देरी हुई तो हालात बिगड़ सकते हैं।
विज्ञापन


कोरोना काल में 2000 करोड़ से ज्यादा का नुकसान 
वर्ष 2019-2020 में मेट्रो को अलग-अलग मदों से 3897.29 करोड़ रुपये की कमाई हुई। इस दौरान मेट्रो को 758.01 करोड़ का मुनाफा हुआ। वर्ष 2020-2021 में मेट्रो को फीडर बस, परिचालन और किराये से 895.88 करोड़ रुपये आय हुई। सेवाएं बंद होने की वजह से मेट्रो को इस दौरान 1784.01 करोड़ का नुकसान झेेलना पड़ा। कोरोना की दूसरी लहर में भी दिल्ली मेट्रो को 300 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें