इसके अलावा 14 अप्रैल को डॉ. भीम राव आंबेडकर जयंती है। इसी दिन महावीर जयंती और वैशाखी भी है। लिहाजा इस दिन भी चुनाव कराए नहीं जा सकते। इस दिन भी विभिन्न समुदाय के लोग व्यस्त रहेंगे। अगले दिन 15 अप्रैल को गुड फ्राईडे और 16 अप्रैल को हनुमान जयंती भी है। इन दोनों दिन भी चुनाव कराने पर सवाल उठेंगे और मतदान पर भी असर पड़ने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। इस दिन बड़ी संख्या में लोगों का गिरजाघर और मंदिरों में जाना होगा।
मतगणना के तीन दिन बाद पूरी होती है चुनाव प्रक्रिया
तीनों नगर निगम के चुनाव 17 अप्रैल को कराने की स्थिति में 20 अप्रैल तक चुनाव की समस्त प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाएगी, क्योंकि मतदान की तिथि और मतगणना के मध्य दो दिन अंतर रखा जाता है। इसके अलावा मतगणना के तीन दिन बाद चुनाव प्रक्रिया पूरी होती है। लिहाजा चुनाव आयोग के समक्ष 01, 11, 12 एवं 13 अप्रैल को चुनाव कराने का विकल्प ही बचा है।
11 को चुनाव करा सकता है आयोग
माना जा रहा है कि चुनाव आयोग 11 अप्रैल को चुनाव करा सकता है, क्योंकि इस दिन चुनाव कराने पर गड़बड़ी की शिकायत आने पर उसके पास पुर्नमतदान कराने के लिए खाली दिन उपलब्ध रहेंगे और इस दिन चुनाव कराने पर त्यौहार और जयंती आड़े नहीं आएगी। वह आराम से चुनाव प्रक्रिया पूरी कर लेगा।