न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने कहा कि अखबारों में इन हेल्पलाइनों के लिए एक तय पेज पर एक कॉलम तय किया जाना चाहिए। खंडपीठ ने कहा कि सरकार को इस मामले में पहले से विचार करना चाहिए था।
हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार को प्रतिदिन अखबारों में विज्ञापन के जरिए कोविड-19 हेल्पलाइनों का ज्यादा से ज्यादा प्रचार करने का निर्देश दिया है, ताकि लोगों को पता चले कि जरूरत पड़ने पर कहां जाना है।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने कहा कि अखबारों में इन हेल्पलाइनों के लिए एक तय पेज पर एक कॉलम तय किया जाना चाहिए। खंडपीठ ने कहा कि सरकार को इस मामले में पहले से विचार करना चाहिए था।
अदालत ने कहा कि समाचार पत्रों में दैनिक आधार पर पहले या तीसरे पृष्ठ पर हेल्पलाइन के लिए तय किया जाना चाहिए, ताकि लोगों को पता चले कि जरूरत पड़ने पर कहां जाना है। एक तय कॉलम तय करने से लोगों को देखने की आदत बनेगी। अदालत ने कहा कि ऐसा करना इस लिए जरूरी है, क्योंकि हेल्पलाइन नंबर लोगों को याद नहीं रहते और वे भूल सकते हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि इसी कारण समाचार पत्रों में नियमित रूप से हेल्पलाइन नंबर को प्रचारित करना होगा, ताकि जरूरत पड़ने पर वे अखबार में किसी खास स्थान पर हेल्पलाइन विवरण पा सकते हैं। दरअसल एमिकस क्यूरी ने अदालत को बताया कि यदि सरकार अखबारों में हेल्पलाइन और अन्य डेटा को अधिक प्रचारित करने पर विचार करती है तो यह मददगार होगा।
दिल्ली सरकार के वकील ने कहा कि वे इसका विज्ञापन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोविड हेल्पलाइन टोल फ्री 1075, कोविड हेल्पलाइन दिल्ली 011-22307145, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और सीनियर सिटीजन हेल्पलाइन नंबर 14567 है।