जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल और जस्टिस रजनीश भटनागर की पीठ ने इस मामले में शरजील इमाम की याचिका पर सुनवाई 24 मई को तय कर दी। पीठ ट्रायल कोर्ट द्वारा खालिद की जमानत याचिका रद्द किए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
दिल्ली हाईकोर्ट फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों की साजिश रचने के आरोप में यूएपीए मामले में जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद की जमानत के लिए दायर याचिका पर 19 मई को सुनवाई करेगा। कोर्ट ने आरोपी के साथ-साथ वादी को सभी दस्तावेज पेश करने की अनुमति दी है।
विज्ञापन
जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल और जस्टिस रजनीश भटनागर की पीठ ने इस मामले में शरजील इमाम की याचिका पर सुनवाई 24 मई को तय कर दी। पीठ ट्रायल कोर्ट द्वारा खालिद की जमानत याचिका रद्द किए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
फरवरी 2020 में हुए दंगों की साजिश रचने के आरोप में खालिद, इमाम और अन्य के खिलाफ यूएपीए केस दर्ज किया गया था। दंगों में 53 लोगों की मौत हो गई थी जबकि लगभग 700 लोग घायल हुए थे। यह दंगा नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के विरोध विरोध प्रदर्शन के बाद हुआ था। ट्रायल कोर्ट ने खालिद की जमानत याचिका 24 मार्च को जबकि इमाम की जमानत याचिका 11 अप्रैल को खारिज कर दी थी।