दिल्ली में जिला अदालतों की सुरक्षा के पुख्ता करने के लिए हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने सुझाव दिया है कि वकील सुरक्षा जांच में सहयोग करे और जो वकील इसका उल्लंघन करता है उसके खिलाफ दिल्ली बार काउंसिल उचित कार्रवाई करे। वहीं दिल्ली पुलिस ने अत्याधुनिक तकनीक के इस्तेमाल के साथ-साथ लोगों के प्रवेश को सीमित करने पर जोर दिया है। हाईकोर्ट के समक्ष पेश रिपोर्ट में पुलिस ने सुझाव दिया कि सीसीटीवी कैमरों से 24 घंटे अदालतों की निगरानी की जाए। पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना की ओर से पेश सुझाव में कहा गया है कि अदालतें आसान निशाने पर होती हैं। लिहाजा यहां आवश्यक होने पर ही लोगों को प्रवेश की अनुमति दी जाए।
रोहिणी कोर्ट में गोलीबारी के बाद हाईकोर्ट ने मांगे थे सुझाव
मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने सुनवाई के दौरान अदालत परिसर में हॉकरों व किताबें बेचने वाले सेल्समैन के आने पर भी ध्यान आकर्षित किया। साकेत बार एसोसिएशन के सुझाव न मिलने पर अदालत ने सुनवाई 25 अक्तूबर तय कर दी। पीठ के समक्ष पुलिस आयुक्त की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने अदालतों की त्रीस्तरीय सुरक्षा का सुझाव दिया है। रोहिणी कोर्ट में 24 सितंबर को हुई गैंगवार की घटना के बाद हाईकोर्ट ने मामले में 30 सितंबर को स्वत: संज्ञान लेकर दिल्ली पुलिस आयुक्त, दिल्ली विधिज्ञ परिषद, सभी बार एसोसिएशन और अन्य हितधारकों से सुझाव मांगे थे।