उच्च न्यायालय ने बुधवार को जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन योजना के तहत निर्मित कम लागत वाले 52 हजार खाली फ्लैटों के आवंटन की प्रक्रिया पर सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की खंडपीठ इस साल जून में न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह द्वारा उक्त योजना के तहत निर्मित फ्लैटों के आवंटन के संबंध में स्वयं संज्ञान लेने संबंधी मामले की सुनवाई कर रही है। अदालत ने मामले की सुनवाई 22 अगस्त तय की है।
न्यायमूर्ति प्रतिभा सिंह ने दिल्ली सरकार द्वारा झुग्गी बस्तियों में रहने वालों के पुनर्वास के लिए बड़ी संख्या में घरों के निर्माण की आवश्यकता जताई थी। साथ ही उन्होंने आंशिक रूप से निर्माण के बावजूद घरों का आवंटित न करने पर नाराजगी भी जताई थी। दिल्ली सरकार के अधिवक्ता गौतम नारायण ने फ्लैट आवंटन के संबंध में किए गए प्रयास की रिपोर्ट देने का आश्वासन दिया था।
हलफनामा दाखिल करने के लिए न्यायालय से समय मांगा। पीठ ने उन्हें चार सप्ताह में खाली फ्लैटों के आवंटन की आगे की प्रक्रिया के बारे में विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति सिंह ने कालकाजी मंदिर के पुनर्विकास से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान कालकाजी मंदिर परिसर में कुछ झुग्गी निवासियों और अन्य रहने वालों को अनधिकृत रूप से कब्जा मामले के दौरान यह संज्ञान लिया था।
दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रीय शैक्षिक नीति में कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) आयोजित करने की सिफारिश की गई है, जिसे स्टीफन कॉलेज द्वारा समान रूप से स्वीकार किया जाना है। डीयू ने हाईकोर्ट के समक्ष मामले में पेश जवाब में कहा कि सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान अनारक्षित श्रेणी के तहत छात्रों को पसंद के अनुसार प्रवेश नहीं दे सकते।
स्टीफन कॉलेज ने हाईकोर्ट के समक्ष दिल्ली विश्वविद्यालय के सीयूईटी के माध्यम से स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश देने और कॉलेज द्वारा जारी किए गए प्रॉस्पेक्टस को वापस लेने के आदेश को चुनौती दी थी।
उच्च न्यायालय ने बुधवार को स्पष्ट कर दिया कि 1998 में जिम्बाब्वे सरकार की ओर से भारत को उपहार में दिए गए अफ्रीकी हाथी को वापस नहीं भेजा जाएगा। अदालत ने केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण को हथिनी को दक्षिण अफ्रीकी से आयात करने की संभावना तलाशने के लिए कहा कि यहां इसकी उचित देखभाल की जाएगी।
मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रह्मण्यम प्रसाद की पीठ ने केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) और भारतीय पशु कल्याण बोर्ड को चिड़ियाघर में रखे गए हाथी के संबंध में संयुक्त रूप से निरीक्षण कर एक विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। उच्च न्यायालय अफ्रीकी हाथी शंकर की रिहाई और पुनर्वास की मांग वाली एक याचिका पर सुनवाई कर रही है। पीठ ने कहा, हमें हाथी को यहीं रखकर उचित देखभाल करेंगे।