ऑल्ट न्यूज के सह संस्थापक मोहम्मद जुबैर की याचिका पर सुनवाई के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंजूरी दे दी है। याचिका में मोहम्मद जुबैर ने अपनी गिरफ्तारी और हिरासत में हो रही पूछताछ पर सवाल उठाए हैं। अदालत जुबैर की याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करेगी।
इससे पहले पटियाला हाउस कोर्ट ने मंगलवार को जुबैर को जमानत देने से इनकार करते हुए रिमांड अवधि चार दिन और बढ़ा दी थी। जुबैर को सोमवार रात गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली पुलिस ने मोहम्मद जुबैर की पांच दिन की और रिमांड मांगी थी। हालांकि, न्यायालय ने चार दिन की रिमांड दी थी।
स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ट्विटर हैंडल से जून महीने में शिकायत मिलने के बाद मोहम्मद जुबैर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि मोहम्मद जुबैर ने एक विशेष धर्म के भगवान की जानबूझकर अपमान करने के उद्देश्य से आपत्तिजनक तस्वीर पोस्ट की थी। उनके ट्वीट को री-ट़्वीट किया जा रहा था। उनके अनुयायियों व सोशल मीडिया संस्थाओं ने बढ़-चढ़कर ट्वीट को फैलाना शुरू कर दिया।
सोमवार को मोहम्मद जुबैर को पूछताछ के लिए द्वारका स्थित आईएफएसओ के कार्यालय बुलाया गया था। पूछताछ में उनके ट्वीट को आपत्तिजनक पाया गया। उसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 153 (ऐसा कार्य जिससे माहौल बिगडने और उपद्रव होने की आशंका हो) और धारा 295 (किसी समाज द्वारा पवित्र माने वाली वस्तु का अपमान करना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जुबैर के बेंगलुरु स्थित आवास पर पहुंची पुलिस
दिल्ली पुलिस की चार सदस्यीय टीम गुरुवार को मोहम्मद जुबैर के बेंगलुरु स्थित आवास पर उनके 2018 के ट्वीट से संबंधित जांच के तहत पहुंची। पुलिस ने बताया कि हमारी चार सदस्यीय टीम जुबैर के घर पहुंची है। पुलिस के अनुसार, जुबैर ने कहा है कि उसने वह फोन खो दिया जिसका कथित तौर पर आपत्तिजनक ट्वीट पोस्ट करने में इस्तेमाल किया गया था।