राजधानी में युद्धस्तर पर टीकाकरण अभियान चल रहा है। पांच दिन में ही सात लाख से ज्यादा को वैक्सीन लग चुकी है। इनमें अधिकतर 18 से 44 आयुवर्ग के लोग हैं। इस बीच दिल्ली सरकार ने जुलाई में 45 लाख कोविड वैक्सीन देने के लिए केंद्र को पत्र लिखा है। आप विधायक आतिशी ने कहा कि इससे डेढ़ लाख लोगों को रोजाना कोरोना वैक्सीन लगाई जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि संभावित तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए वैक्सीनेशन की गति काफी अच्छी है। इसे लगातार बनाए रखने की जरूरत है। दिल्ली में 16 जनवरी को पहली वैक्सीन लगाई गई थी। अभी तक 36 फीसदी आबादी को पहली खुराक लग चुकी है। पिछले पांच दिन में सात लाख 14 हजार को वैक्सीन लगी है। अब तक कुल 71 लाख लोगों का टीकाकरण हो चुका है। इनमें 54,62,512 को पहली और 16,66,490 को दूसरी डोज लग चुकी है। इनमें सबसे अधिक संख्या 45 से अधिक उम्र वालों की है।
इस आयु वर्ग में 28 लाख को पहली और तीन लाख को दूसरी खुराक लग चुकी है। इसके बाद युवाओं का नंबर है। इनमें 20 लाख को पहली और एक लाख 70 हजार को दूसरी डोज लग गई है। स्वास्थ्य कर्मचारियों में दो लाख 53 हजार को पहली और एक लाख 88 हजार को दूसरी खुराक लगी है। अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मचारियों में चार लाख 37 हजार को पहली और 2,72 हजार को दूसरी डोज लग गई है।
इसी रफ्तार को बनाए रखने की जरूरत
वरिष्ठ डॉक्टर अजय कुमार का कहना है कि टीकाकरण कि इस रफ्तार को लगातार बनाए रखने की जरूरत है। अगर वैक्सीनेशन इसी रफ्तार से चलता रहा तो अगले एक से डेढ़ महीने में ही दिल्ली की आधी से ज्यादा आबादी को पहली खुराक लग चुकी होगी। इससे तीसरी संभावित लहर के खतरे को कम किया जा सकेगा।
पांच दिन कि स्थिति
तारीख- वैक्सीन लगी
26 जून-2,05,170
25-1,66,209
24-1,56,636
23-1,09,655
22-76,291
इतने फीसदी लोगों को लग चुकी है कम से कम एक खुराक
(फीसदी में)
18 से 44- 18
45 से अधिक- 47
स्वास्थ्य कर्मचारियों- 83
अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मचारी- 73
कुल टीकाकरण केंद्र- 1374
प्रतिदिन कि क्षमता- 2,26,552