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दावा : दिल्ली सरकार हर घर में देगी 24 घंटे साफ पानी, बताया कैसे होगा ऐसा

Sat, 26 Feb 2022 05:38 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

मुख्यमंत्री ने की जल बोर्ड की उच्चस्तरीय बैठक, अधिकारियों को दिए निर्देश, पॉयलेट प्रोजेक्ट को पूरा करने का निर्देश। यमुना में मानसून के दौरान आने वाले अतिरिक्त पानी को जमा करने करने और उसे शुद्ध कर घरों तक पहुंचाने की है सरकार की योजना। वजीराबाद जलाशय के ऊपरी छोर पर बनेगा 459 एकड़ का वेटलैंड जलाशय और 20 एकड़ का ऑफ रिवर मिनी जलाशय।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social Media
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विस्तार
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दिल्ली सरकार अब हर घर को 24 घंटे नल से साफ पानी पहुंचाएगी। इसके लिए मानसून के दौरान यमुना में आने वाले अतिरिक्त जल को इकट्ठा करने और उसे शुद्ध कर लोगों के घर तक पहुंचाने की योजना बनाई है। इस कड़ी में वजीराबाद जलाशय के ऊपरी छोर पर 459 एकड़ का कैचमेंट वेटलैंड जलाशय बनाने और 20 एकड़ का ऑफ रिवर मिनी जलाशय बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को इस प्रोजेक्ट को लेकर उच्च स्तरीय बैठक की।

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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार की मानसून के दौरान यमुना में आने वाले अतिरिक्त पानी को जलाशयों में स्टोर करने और उसे शुद्ध कर लोगों के घर तक पहुंचाने की योजना है। यह योजना सफल होने की स्थिति में कई जलाशय बनाए जाएंगे और उनमें मानूसन के दौरान यमुना में आने वाले अतिरिक्त पानी को स्टोर किया जाएगा। इस दौरान एक प्रजेंटेशन देखने के बाद अरविंद केजरीवाल ने प्रमुख बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया और दो प्रस्तावों पर आगे बढ़ने की सहमति बनी है।

दिल्ली सरकार ने पहले प्रस्ताव के तहत यमुना नदी के पश्चिमी तट स्थित वजीराबाद जलाशय के ऊपरी छोर पर पायलट आधार पर 459 एकड़ का कैचमेंट वेटलैंड जलाशय बनाने का निर्णय लिया। इस जलाशय में मानसून का करीब 1735 एमजी पानी को स्टोर किया जा सकेगा। दूसरे प्रस्ताव के तहत 20 एकड़ का ऑफ रिवर मिनी जलाशय बनाने पर सहमति बनी। इसकी गहराई 10 मीटर तक होगी और यहां करीब 223 एमजी मानसून का पानी का स्टोर हो सकेगा।
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उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार की योजना है कि वजीराबाद बैराज के अपस्ट्रीम के बाढ़ क्षेत्र में मानूसन के दौरान आने वाले अतिरिक्त पानी को स्टोर किया जाए और उस पानी को शुद्ध करके दिल्ली के निवासियों को आपूर्ति किया जाए। इससे दिल्ली में पेयजल की क्षमता में वृद्धि हो सकेगी। स्टोरेज स्ट्रक्चर पल्ला तक फैले वजीराबाद जलाशयों को विकसित किया जाएगा। इससे नदी की पारिस्थिति और आसपास के आवासीय एरिया पर कोई विपरित प्रभाव नहीं पड़ेगा और ऑफ-रिवर मिनी जलाशयों को सीमांत बांध के बाहर विकसित किया जाएगा।

पेयजल क्षमता बढ़ाने के लिए तीन योजना प्रस्तावित
दिल्ली सरकार ने यमुना के करीब 32203 एमजी मानसून के पानी को स्टोर करने के लिए तीन योजनाए प्रस्तावित की है। इनके तहत 200 एकड़ के 20 कैचमेंट वेटलैंड भंडारण जलाशय बनाए जाएंगे और सभी जलाशयों की गहराई दो मीटर होगी, जहां 8552 एमजी मानसून का पानी स्टोर किया जा सकेगा। वहीं वजीराबाद जलाशय के एक हजार एकड़ एरिया में तालाब का विस्तार किया जाएगा। इसकी गहराई दो मीटर होगी और यहां पर 2138 एमजी मानसून के पानी का भंडार हो सकेगा, जबकि 100 एकड़ के 20 ऑफ रिवर मिनी जलाशय बनाए जाएंगे। सभी जलाशयों की गहराई 10 मीटर रखी जाएगी, जहां करीब 21381 एमजी मानसून के पानी का भंडारण हो सकेगा। इसके अलावा मौजूदा तालाब की दो मीटर की गहराई तक सिल्ट (गाद) निकाली जाएगी। इससे 132 एमजी पानी का अतिरिक्त भंडारण हो सकेगा।

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